रायपुर:
छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन (CGMSC) घोटाला मामले में ACB और EOW ने बड़ी कार्रवाई करते हुए डायसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, नवी मुंबई के मार्केटिंग हेड कुंजल शर्मा को गिरफ्तार किया है।
कुंजल शर्मा को 21 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर विशेष न्यायालय रायपुर में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे 27 जनवरी 2026 तक EOW की रिमांड पर भेज दिया है।
फर्जी MRP तय कर करोड़ों का नुकसान
जांच एजेंसियों के अनुसार, डायसिस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा मेडिकल उपकरणों के रिएजेंट्स और कंज्यूमेबल्स की सप्लाई में भारी अनियमितता की गई।
आरोप है कि कुंजल शर्मा ने कंपनी की नीतियों की अनदेखी करते हुए षड्यंत्रपूर्वक फर्जी MRP तय की और CGMSC अधिकारियों से मिलीभगत कर मनमाने और कई गुना अधिक दरों पर खरीद के लिए सहमत कराया।
इस प्रक्रिया के कारण CGMSC को करोड़ों रुपये की आर्थिक क्षति हुई।
शशांक चोपड़ा को लाभ पहुंचाने का आरोप
EOW के मुताबिक, कुंजल शर्मा ने षड्यंत्र के तहत शशांक चोपड़ा को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए मेडिकल उपकरणों को वास्तविक कीमत से कई गुना अधिक दर पर बेचा।
फर्जी मूल्य निर्धारण के जरिए शासन की निधि का दुरुपयोग किया गया।
‘हमर लैब’ योजना भी जांच के दायरे में
ACB/EOW इस पूरे मामले से जुड़ी “हमर लैब” योजना में शासकीय राशि के दुरुपयोग से संबंधित सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
एजेंसी का कहना है कि अब तक मिले साक्ष्यों के आधार पर अन्य जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनियों के खिलाफ भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
आगे और हो सकती हैं गिरफ्तारियां
जांच एजेंसियों का फोकस इस बात पर है कि घोटाले में और कौन-कौन शामिल था, किस स्तर पर मिलीभगत हुई और कितनी शासकीय राशि का दुरुपयोग किया गया।
सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे और गिरफ्तारियां संभव हैं।





