January 16, 2026

CGPSC भर्ती घोटाला : सरकारी गवाह के खुलासों से हिला सिस्टम,चेयरमैन–सचिव से लेकर रसूखदारों के परिजनों तक चयन कराने के आरोप, CBI की चार्जशीट में कई बड़े नाम

रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में सीबीआई जांच के बीच सरकारी गवाह चंद्राकर के सनसनीखेज बयानों ने पूरे प्रशासनिक तंत्र को झकझोर कर रख दिया है। गवाह के अनुसार तत्कालीन CGPSC चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी, सचिव जीवन किशोर ध्रुव और उनके करीबी लोगों ने पद का दुरुपयोग कर अपने परिजनों व परिचितों को सरकारी नौकरी दिलाने के लिए संगठित भ्रष्टाचार किया।

प्रीलिम्स से पहले रटवाए गए प्रश्नपत्र

सरकारी गवाह ने खुलासा किया कि 2021-22 की CGPSC परीक्षा में चयन दिलाने के लिए उत्कर्ष चंद्राकर ने अपने मौसा, तत्कालीन OSD केके चंद्रवंशी और OSD चेतन बोघरिया के रसूख का हवाला देते हुए 50 से 60 लाख रुपये की मांग की थी।

डील तय होने के बाद 12 फरवरी 2022, यानी परीक्षा से ठीक एक दिन पहले रायपुर के सिद्धिविनायक मैरिज पैलेस में प्रिंटेड प्रश्नपत्र उम्मीदवारों को रटवाए गए। इस दौरान रितेश चंद्राकर, लोकेश चंद्राकर, समीर चंद्राकर, माधुरी साहू, प्रवीण कुमार प्रसाद, सत्येन्द्र सिंह ठाकुर, पुल्कीत साहू और भारती वर्मा सहित कई अभ्यर्थियों को विशेष रूप से तैयार किया गया। बाद में ये सभी प्रीलिम्स परीक्षा में सफल घोषित हुए।

बारनवापारा रिसॉर्ट में मेन परीक्षा की तैयारी

मेन परीक्षा के लिए भ्रष्टाचार का नेटवर्क बारनवापारा स्थित एक रिसॉर्ट तक पहुंच गया। यहां उम्मीदवारों को फर्जी नामों से ठहराया गया और कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा की तैयारी करवाई गई।
इस समूह में रितेश, लोकेश, समीर, माधुरी, प्रवीण, सत्येन्द्र, पुल्कीत, भारती के अलावा ऋचा कौर, ज्योति सूर्यवंशी, दिव्यानी तिवारी, योगेश देवांगन, कृति सिंह, मनीष, निकिता, प्रतीक, विनोद सिंह, निवेदिता राजपूत, शास्वत सोनी, कवीश सिन्हा, सुषमा अग्रवाल, अर्चना, पूजा, भवानी पैंकरा, शशांक मिश्रा, निधि, पेमेन्द्र चंद्राकर, प्रकाश चंद्राकर और एक अन्य साहू युवक शामिल थे।
पेपर हल कराने के लिए धर्मेन्द्र साहू और परितोष जैसे शिक्षकों को भी बुलाया गया।

CBI चार्जशीट में परिजनों के चयन का खुलासा

सीबीआई की चार्जशीट में यह सामने आया है कि तत्कालीन चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी ने अपने बेटे नितेश सोनवानी, भतीजे साहिल सोनवानी, भांजी सुनीता जोशी और बहुओं निशा कोसलेदीपा आदिल का चयन सुनिश्चित कराया।

इसी तरह सचिव जीवन किशोर ध्रुव के बेटे सुमित ध्रुव, राज्यपाल के सचिव के बच्चे नेहा और निखिल खलखो, तथा कांग्रेस नेताओं के करीबी प्रज्ञा नायक, प्रखर नायक, अनन्या अग्रवाल, शशांक गोयल और भूमिका कटियार का चयन भी संदेह के घेरे में है।

इन पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी

CBI अब टामन सोनवानी, श्रवण कुमार गोयल, शशांक गोयल, भूमिका कटियार, नितेश सोनवानी, साहिल सोनवानी, ललित गणवीर, जीवन किशोर ध्रुव, सुमित ध्रुव, आरती वाशनिक, निशा कोसले, दीपा आदिल और उत्कर्ष चंद्राकर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ रही है।

लाखों युवाओं के भविष्य पर चोट

इस घोटाले से प्रदेश के लाखों मेहनती युवाओं की उम्मीदों को गहरा झटका लगा है। आरोप है कि 29 अयोग्य उम्मीदवार भ्रष्ट तरीकों से प्रीलिम्स में सफल हुए, जबकि योग्य अभ्यर्थियों का हक छिन गया।
सूत्रों के मुताबिक अब इन 29 उम्मीदवारों की स्वतंत्र जांच के लिए छात्र संगठनों द्वारा EOW या अन्य एजेंसी से जांच की मांग की जा रही है।

व्यवस्था की साख पर सवाल

CGPSC भर्ती घोटाले ने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था बल्कि शिक्षा और चयन प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि निष्पक्ष जांच होती तो कई योग्य उम्मीदवार आज अधिकारी बन चुके होते। यह मामला भ्रष्टाचार के उस चेहरे को उजागर करता है, जिसने पूरे सिस्टम के साथ-साथ युवाओं के भविष्य को भी नुकसान पहुंचाया है।