July 30, 2026

रेरा पंजीयन से पहले प्रचार पड़ा भारी, CGRERA ने गोदरेज प्रॉपर्टीज परियोजना पर लगाया 10 लाख का जुर्माना

रायपुर। छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए बड़ी कार्रवाई करते हुए “गोदरेज प्रॉपर्टीज रेसिडेंशियल प्लॉट्स” परियोजना के प्रमोटर पर 10 लाख रुपये का आर्थिक दंड लगाया है। इसके साथ ही परियोजना को रेरा पंजीयन प्राप्त होने तक किसी भी प्रकार की बिक्री, बुकिंग और विपणन गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

प्राधिकरण की जांच में सामने आया कि संबंधित प्रमोटर ने भू-संपदा (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3(1) का उल्लंघन करते हुए परियोजना का रेरा पंजीयन कराए बिना सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से प्लॉटों की कीमतों तथा परियोजना से जुड़ी जानकारी का प्रचार-प्रसार किया। रेरा कानून के तहत किसी भी रियल एस्टेट परियोजना का पंजीयन कराए बिना उसका विज्ञापन, विपणन या विक्रय करना प्रतिबंधित है।

उल्लंघन को गंभीर मानते हुए CGRERA ने अधिनियम की धारा 59 के तहत प्रमोटर पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि परियोजना को वैध रेरा पंजीयन मिलने तक किसी भी प्रकार की बुकिंग, क्रय-विक्रय या विक्रय संबंधी गतिविधियां संचालित नहीं की जाएंगी।

प्राधिकरण ने अपने आदेश में दोहराया है कि बिना रेरा पंजीयन किसी भी भू-संपदा परियोजना का विज्ञापन या बिक्री कानूनन मान्य नहीं है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

वहीं CGRERA ने आम नागरिकों और संभावित गृह खरीदारों से अपील की है कि किसी भी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश करने से पहले उसकी रेरा पंजीयन स्थिति की जांच अवश्य करें। केवल पंजीकृत परियोजनाओं में निवेश कर वित्तीय और कानूनी जोखिमों से बचा जा सकता है।