July 30, 2026

रायपुर: CGRERA की बड़ी कार्रवाई, 595 प्रमोटर्स को नोटिस, 989 प्रोजेक्ट्स जांच के दायरे में

रायपुर। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने रेरा अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन और आवंटितियों के हितों की सुरक्षा के लिए बड़ी कार्रवाई की है। प्राधिकरण ने 595 प्रमोटर्स के 989 पूर्ण हो चुके प्रोजेक्ट्स को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

कॉमन एरिया हस्तांतरण नहीं करने पर कार्रवाई

प्राधिकरण की समीक्षा में पाया गया कि इन परियोजनाओं को पूर्णता प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है, लेकिन अब तक कॉमन एरिया, सुविधाओं और संबंधित दस्तावेजों का हस्तांतरण आवंटितियों की सोसायटी या एसोसिएशन को नहीं किया गया है।

रेरा अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन

CGRERA के अनुसार कई परियोजनाओं में प्रोजेक्ट पूर्ण होने और अधिभोग शुरू होने के बाद भी प्रमोटर्स ने आवंटितियों की सोसायटी या एसोसिएशन का गठन सुनिश्चित नहीं किया। साथ ही परियोजना के सामान्य क्षेत्रों और प्रबंधन का विधिवत हस्तांतरण भी नहीं किया गया।

इसी आधार पर रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 11(4)(e) और धारा 17 के तहत संबंधित प्रमोटर्स को नोटिस जारी किए गए हैं।

प्रमोटर्स की जिम्मेदारी तय

प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि कानून के अनुसार प्रमोटर का दायित्व है कि वह आवंटितियों की सोसायटी अथवा एसोसिएशन का गठन सुनिश्चित करे और परियोजना के कॉमन एरिया, सुविधाओं तथा अभिलेखों का समयबद्ध हस्तांतरण संबंधित संस्था को करे।

आवंटितियों की भी है कानूनी जिम्मेदारी

CGRERA ने यह भी कहा कि रेरा अधिनियम केवल प्रमोटर्स पर ही नहीं, बल्कि आवंटितियों पर भी कुछ वैधानिक दायित्व निर्धारित करता है। अधिनियम की धारा 19(9) के तहत प्रत्येक आवंटी का कर्तव्य है कि वह सोसायटी, एसोसिएशन या सहकारी समिति के गठन की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाए।

15 दिनों में मांगा जवाब

प्राधिकरण ने नोटिस जारी कर संबंधित प्रमोटर्स को 15 दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उनसे पूछा गया है कि अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई अब तक क्यों नहीं की गई।

कार्रवाई की चेतावनी

CGRERA ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं देने या संतोषजनक उत्तर प्रस्तुत नहीं करने की स्थिति में संबंधित प्रमोटर्स के खिलाफ रेरा अधिनियम, 2016 के तहत प्रकरण दर्ज कर विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।

उपभोक्ता हितों की सुरक्षा पर जोर

प्राधिकरण का कहना है कि रेरा का उद्देश्य केवल परियोजनाओं का पंजीयन करना नहीं, बल्कि परियोजना पूर्ण होने के बाद भी आवंटितियों के अधिकारों की रक्षा, पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासित रियल एस्टेट व्यवस्था सुनिश्चित करना है। कॉमन एरिया और परियोजना प्रबंधन का समयबद्ध हस्तांतरण उपभोक्ता हितों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।