May 13, 2026

19 मार्च से शुरू होंगे चैत्र नवरात्रि, जानिए कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और देवी आगमन का वाहन

Chaitra Navratri साल में आने वाली चार नवरात्रियों में से सबसे प्रमुख मानी जाती है। हिंदू धर्म में चैत्र और शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। इन नौ दिनों में भक्त Durga के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस दौरान व्रत और पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आती है।

19 मार्च से होगी नवरात्रि की शुरुआत

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 मार्च 2026 सुबह 6:52 बजे से शुरू होकर 20 मार्च सुबह 4:52 बजे तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर 19 मार्च से नवरात्रि की शुरुआत मानी जाएगी।

नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व का समापन Ram Navami के दिन 27 मार्च को होगा। इसी दिन भगवान Rama का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है।

कलश स्थापना के दो शुभ मुहूर्त

नवरात्रि के पहले दिन देवी पूजा की शुरुआत कलश स्थापना से होती है। इस साल कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त बताए गए हैं—

  • सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे तक
  • दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक

इन शुभ मुहूर्तों में श्रद्धालु घर या मंदिर में कलश स्थापित कर देवी पूजा की शुरुआत कर सकते हैं।

डोली पर होगा मां दुर्गा का आगमन

ज्योतिष मान्यता के अनुसार गुरुवार को नवरात्रि शुरू होने के कारण इस बार मां दुर्गा का आगमन डोली पर माना जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं में डोली पर आगमन को बहुत शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है कि इससे देश में अस्थिरता और सामाजिक-राजनीतिक हलचल की स्थिति बन सकती है।

हाथी पर होगा मां दुर्गा का गमन

नवरात्रि समाप्त होने पर मां दुर्गा का गमन हाथी पर माना गया है। धार्मिक दृष्टि से इसे शुभ संकेत माना जाता है। मान्यता है कि इससे सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा के योग बनते हैं।

पूरे नौ दिन मिलेंगे पूजा के

इस साल नवरात्रि में किसी भी तिथि का क्षय या वृद्धि नहीं हो रही है। यानी भक्तों को पूरे नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा करने का अवसर मिलेगा।

19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक चलने वाले इन नवरात्रों में श्रद्धालु पूरे विधि-विधान से माता रानी की आराधना कर सकेंगे।