September 4, 2026

चमोली टनल हादसा: अचानक घुसा पानी-मलबा, 7 मजदूरों की मौत; 22 सुरक्षित निकाले गए, 6 लापता

चमोली। उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन मायापुर-पीपलकोटी टनल में गुरुवार शाम अचानक पानी और मलबा भरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में छत्तीसगढ़ और झारखंड के 7 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान चलाकर टनल में फंसे 22 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

हादसे में 11 श्रमिक घायल हुए हैं। घायलों में झारखंड के 5, बिहार के 2, छत्तीसगढ़ के 2 तथा पंजाब और हिमाचल प्रदेश के एक-एक मजदूर शामिल हैं। वहीं, छह मजदूरों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन और बचाव दल लापता मजदूरों की तलाश में जुटे हुए हैं।

अचानक टनल में भरने लगा पानी और मलबा

यह हादसा विष्णुगाड-पीपलकोटी पनबिजली परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हुआ। गुरुवार शाम अचानक पहाड़ का मलबा और पानी तेज रफ्तार से टनल के अंदर पहुंच गया। उस समय बड़ी संख्या में मजदूर अंदर काम कर रहे थे।

हादसे में घायल छत्तीसगढ़ निवासी सुनील दीवान ने बताया कि वह टनल के अंदर सरिया बांधने का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक भूस्खलन हुआ और देखते ही देखते पानी व मलबा टनल में भरने लगा। हालात इतने तेजी से बिगड़े कि मजदूरों को संभलने तक का मौका नहीं मिला।

राहत और बचाव अभियान जारी

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचा। टनल के अंदर फंसे मजदूरों को निकालने के लिए अभियान शुरू किया गया। अब तक 22 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि घायल श्रमिकों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।

छह लापता मजदूरों की तलाश के लिए बचाव दल लगातार अभियान चला रहा है। हादसे के बाद टनल के अंदर पानी और मलबा जमा होने के कारण राहत कार्य में चुनौती सामने आ रही है।

दिसंबर में भी हुआ था हादसा

बताया जा रहा है कि इसी टनल में बीते दिसंबर में भी हादसा हुआ था। उस समय टनल के अंदर लोको ट्रेन की टक्कर हुई थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी था। गुरुवार को हुए हादसे ने एक बार फिर निर्माणाधीन टनल में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।