September 4, 2026

Chamoli Tunnel Accident: चमोली टनल हादसे में छत्तीसगढ़ के 4 मजदूरों की मौत, CM साय ने किया मुआवजे का ऐलान

रायपुर। उत्तराखंड के चमोली जिले में 13 अगस्त को हुए दर्दनाक टनल हादसे में 10 मजदूरों की मौत हो गई। मृतकों में छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के 4 श्रमिक भी शामिल हैं। हादसे पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दुख जताते हुए मृतक श्रमिकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं हादसे में घायल कोंडागांव जिले के दो श्रमिकों को इलाज के लिए 50-50 हजार रुपये की सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं।

इस हादसे में कोंडागांव जिले के ग्राम धनसुली के 2, मदनार के 1 और दहीकोंगा के 1 श्रमिक की मौत हुई है। वहीं जिले के दो अन्य श्रमिक घायल हुए हैं। मृतक श्रमिकों के पार्थिव शरीर कोंडागांव लाए गए, जहां परिजनों और स्थानीय लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दुख की इस घड़ी में राज्य सरकार शोकाकुल परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है। सरकार की ओर से प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

कैसे हुआ था चमोली टनल हादसा?

उत्तराखंड के चमोली जिले में मायापुर-पीपलकोटी निर्माणाधीन टनल में 13 अगस्त की शाम करीब 6:30 बजे हादसा हुआ था। भारी भूस्खलन और पहाड़ी से पानी के रिसाव के कारण टनल के अंदर काम कर रहे 22 श्रमिक फंस गए

हादसे की सूचना मिलते ही राहत और बचाव अभियान शुरू किया गया। रेस्क्यू टीमों ने शुरुआती कार्रवाई में 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद टनल के अंदर फंसे श्रमिकों की तलाश लगातार जारी रही।

पहले दिन चार श्रमिकों के शव बरामद हुए। इसके बाद अगले दिन तीन और शव मिले। 15 अगस्त को एक और तथा 16 अगस्त को दो शव बरामद किए गए। इस तरह हादसे में कुल 10 श्रमिकों की मौत की पुष्टि हुई।

117 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

हादसे के बाद NDRF और SDRF की टीमों ने करीब 117 घंटे तक लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। बचाव अभियान के दौरान टीमों को मलबे, पानी के रिसाव और टनल के अंदर मौजूद भारी मशीनरी के कारण कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

इसके बावजूद बचाव दल ने अभियान जारी रखा और टनल के अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए लगातार प्रयास किए। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान अंदर फंसी मशीनों को भी बाहर निकाला गया और अंततः सभी 10 मृत श्रमिकों के शव बरामद कर लिए गए।

छत्तीसगढ़ सरकार ने बढ़ाया मदद का हाथ

हादसे में कोंडागांव के चार श्रमिकों की मौत के बाद मुख्यमंत्री साय ने मृतकों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। सरकार की ओर से प्रत्येक मृतक श्रमिक के परिवार को 5 लाख रुपये और घायल श्रमिकों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करेगी और इस कठिन समय में उन्हें अकेला नहीं छोड़ा जाएगा।