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आयरलैंड की राजधानी डबलिन में भारत की सांस्कृतिक विविधता की सशक्त झलक देखने को मिली, जब स्टेट कल्चरल इवेंट सीरीज़ के तहत भारतीय दूतावास, डबलिन द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य पर केंद्रित भव्य सांस्कृतिक आयोजन का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आयरलैंड में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस आयोजन पर प्रसन्नता जताते हुए इसे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण बताया है।
🎉 राजदूत अखिलेश मिश्रा ने किया कार्यक्रम का उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन आयरलैंड में भारत के राजदूत अखिलेश मिश्रा द्वारा किया गया। उन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और राज्य की विशिष्ट पहचान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि—
“ऐसे आयोजन भारत की विविधता को वैश्विक मंच पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करते हैं।”
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति भारत की आत्मा का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसे दुनिया तक पहुँचाना आवश्यक है।
🖼️ हस्तशिल्प प्रदर्शनी बनी आकर्षण का केंद्र
आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ पर आधारित विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें राज्य की कला, संस्कृति, परंपरा और विकास यात्रा को प्रभावशाली ढंग से दर्शाया गया।
इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के पारंपरिक हस्तशिल्प की प्रदर्शनी ने आगंतुकों को विशेष रूप से आकर्षित किया, जहाँ राज्य की कारीगरी की बारीकी और सौंदर्य की जमकर सराहना हुई।
💃 लोक नृत्य और वेशभूषा ने बांधा समां
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की कड़ी में पारंपरिक वेशभूषा में प्रस्तुत लोक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने डबलिन में मौजूद दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों ने छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की आत्मा को आयरलैंड की धरती तक पहुँचा दिया और कार्यक्रम को अंतरराष्ट्रीय सराहना दिलाई।
🍲 पारंपरिक व्यंजनों के साथ हुआ समापन
कार्यक्रम का समापन छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों के साथ हुआ, जिससे अतिथियों को राज्य की समृद्ध पाक-परंपरा से परिचित होने का अवसर मिला।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और पहचान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
🗣️ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बयान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा—
“डबलिन में आयोजित छत्तीसगढ़ केंद्रित सांस्कृतिक कार्यक्रम ने प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति और परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाई है। यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण है।”
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय कला, हस्तशिल्प और लोक परंपराएँ राज्य की पहचान का मूल आधार हैं। ऐसे आयोजनों से पर्यटन, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक स्तर पर नई संभावनाएँ मिलती हैं।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश में इसी तरह मंच मिलता रहेगा।




