March 3, 2026

विधानसभा में सीएसआर फंड पर घमासान: भूपेश बघेल का सवाल—“जब कलेक्टर को निर्देशित नहीं कर सकते तो मंत्री क्यों?”

रायपुर।

Raipur में छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन प्रश्नकाल के दौरान सीएसआर फंड के उपयोग को लेकर सदन में तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस विधायकों ने जांजगीर जिले में सीएसआर राशि के वितरण में पक्षपात और अपारदर्शिता का आरोप लगाते हुए कलेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

“सीएसआर में पारदर्शिता नहीं” — ब्यास कश्यप

कांग्रेस विधायक Byas Kashyap ने आरोप लगाया कि जांजगीर जिले में सीएसआर फंड के उपयोग में पारदर्शिता नहीं है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की अनुशंसाओं का पालन नहीं किया जा रहा और कलेक्टर अपनी मनमर्जी से राशि आवंटित कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों की समिति का कोई औचित्य नहीं रह गया है, क्योंकि उनकी सिफारिशों पर अमल नहीं हो रहा।

“सीएसआर को लेकर कोई समिति नहीं” — मंत्री

उद्योग मंत्री Lakhanlal Dewangan ने जवाब देते हुए कहा कि सीएसआर फंड को लेकर कोई अधिकृत समिति नहीं है। उन्होंने बताया कि सीएसआर राशि का उपयोग गांवों के विकास कार्यों में किया जा सकता है और संबंधित विधायक की ओर से भी दो प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

जब कांग्रेस विधायक ने मंत्री से प्रस्तावों पर घोषणा करने और कलेक्टर को निर्देशित करने की मांग की, तो मंत्री ने स्पष्ट कहा कि उन्हें घोषणा करने का अधिकार नहीं है।

भूपेश बघेल का तीखा सवाल

इस पर पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने सरकार को घेरते हुए कहा,
“जब कलेक्टर को निर्देशित नहीं कर सकते तो मंत्री होने का क्या औचित्य है?”

सदन में इस टिप्पणी के बाद सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सीएसआर फंड के उपयोग और प्रशासनिक अधिकारों को लेकर बहस ने राजनीतिक रंग ले लिया।