रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सोमवार को शून्यकाल में दुर्ग जिले में भाजपा नेता के खेत में कथित अफीम की खेती का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस मामले को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश करते हुए सरकार पर दोषियों को बचाने का आरोप लगाया।
महंत ने कहा कि राजधानी से करीब 50 किलोमीटर दूर विनायक ताम्रकार नामक व्यक्ति की जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की लापरवाही के कारण छत्तीसगढ़, जिसे धान का कटोरा कहा जाता है, उसे ‘अफीम का कटोरा’ बनाने की कोशिश की जा रही है।
इस पर भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा कि यह खेती कई सालों से चल रही थी और इसमें कांग्रेस की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि गांव के लोगों ने लकड़ी इकट्ठा करने के दौरान इस खेती को देखा था। उन्होंने आरोप लगाया कि एफआईआर में मुख्य आरोपी को बचाने की कोशिश की गई है और मामले में लीपापोती की जा रही है।
वहीं उप मुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि 6 मार्च को दुर्ग पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि समोदा गांव के एक फार्म हाउस में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 6 हजार 242 किलोग्राम अफीम जब्त की गई।
गृहमंत्री ने बताया कि आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों में नशे के खिलाफ दो हजार से अधिक मामलों में पांच हजार से ज्यादा आरोपियों पर कार्रवाई की गई है और करीब 16 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति भी जब्त की गई है।
मामले पर सदन में जोरदार हंगामा हुआ। स्थगन प्रस्ताव को आसंदी द्वारा अग्राह्य किए जाने के बाद विपक्षी विधायक गर्भगृह में उतरकर नारेबाजी करने लगे, जिसके चलते वे स्वत: निलंबित हो गए। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।





