March 3, 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा में धान खरीदी पर विवाद, विपक्ष सदन से स्वमेव निलंबित

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शून्यकाल में धान खरीदी को लेकर तीव्र विवाद हुआ। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने सरकार की नीति को फेल बताते हुए स्थगन प्रस्ताव की मांग की। किसानों की समस्याओं और खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी पर विस्तृत चर्चा के लिए प्रस्ताव पेश किया गया, लेकिन सभापति ने इसे अग्राह्य नहीं माना।

विरोध से नाराज कांग्रेस विधायक सदन में नारेबाजी करते हुए गर्भगृह में चले गए और इसके बाद सदस्यों को स्वमेव निलंबित कर दिया गया। विपक्ष ने कहा कि किसानों का पूरा धान नहीं खरीदा गया, उन्हें टोकन और प्रशासनिक दखल के कारण परेशान होना पड़ा।

कई विधायकों ने उदाहरण देते हुए बताया कि किसानों को बलपूर्वक धान समर्पण करने के लिए मजबूर किया गया, कर्ज माफ नहीं किया गया और कई जगहों पर प्रशासनिक दबाव के कारण किसान आत्महत्या तक के लिए मजबूर हुए।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट रूप से धान और किसानों के मुद्दे पर चर्चा को टालना है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने किसानों के घरों और खलिहानों में जबरदस्ती प्रवेश किया और टोकन के नाम पर किसानों को चोर समझा गया।

सदन में स्थगन प्रस्ताव को निरस्त करने के फैसले के बाद विपक्षी सदस्यों के निलंबन ने विधानसभा में गंभीर विवाद को जन्म दिया और धान खरीदी के मुद्दे पर सरकार के रवैये पर सवाल खड़े कर दिए हैं।