May 15, 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र 30 अप्रैल को, नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर निंदा प्रस्ताव से गरमाई सियासत

रायपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा से पारित नहीं हो पाने के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र 30 अप्रैल को आहूत किया गया है। इस सत्र में अधिनियम पारित नहीं होने को लेकर विपक्ष के खिलाफ निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी है, जिससे प्रदेश की राजनीति में गर्माहट बढ़ गई है।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार की ओर से 30 अप्रैल को विशेष सत्र आयोजित करने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष तय करेंगे कि सत्र कितने दिन चलेगा। साव ने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने आधी आबादी को उनके संवैधानिक अधिकार से वंचित करने का कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष को लगातार आगे बढ़ाया है। इसी विषय को लेकर विधानसभा में विशेष चर्चा और प्रस्ताव लाया जाएगा।

कांग्रेस पर तीखा हमला

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस घटिया और निम्न स्तर की राजनीति कर रही है। देश के प्रधानमंत्री के लिए इस तरह की भाषा का इस्तेमाल 140 करोड़ देशवासियों का अपमान है।

साव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आतंकवाद, अलगाववाद और नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ी है और देश को सुरक्षा प्रदान की है। ऐसे में कांग्रेस की बयानबाजी उनके राजनीतिक पतन को दर्शाती है।

सचिन तेंदुलकर के दौरे पर भी सियासत

सचिन तेंदुलकर के बस्तर दौरे को लेकर कांग्रेस द्वारा उठाए गए सुरक्षा सवालों पर भी अरुण साव ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती थी कि नक्सलवाद खत्म हो। उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर बस्तर के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ाने आए हैं, लेकिन कांग्रेस इस पर भी राजनीति कर रही है।

धर्मांतरण और कानून व्यवस्था पर बयान

धर्मांतरण के मुद्दे पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश के सामने एक बड़ी चुनौती है। सरकार ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कानूनों को और कठोर बनाया है तथा कार्रवाई तेज की गई है।

कांग्रेस का पलटवार

पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने विशेष सत्र को लेकर कहा कि लोकतंत्र में इस तरह का प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार चर्चा चाहती है तो विपक्ष को भी पर्याप्त समय दिया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार महिलाओं के अधिकारों को प्रभावित कर रही है और लोकतंत्र का मखौल उड़ाया जा रहा है।

सचिन तेंदुलकर के दौरे पर उन्होंने कहा कि सुरक्षा कारणों से कार्यक्रम में बदलाव हुआ है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नक्सल समस्या अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।

वहीं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह केवल दिखावा है और जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।