रायपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लोकसभा से पारित नहीं हो पाने के मुद्दे पर छत्तीसगढ़ विधानसभा का विशेष सत्र आज शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत दिवंगत नेताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुई, जिसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी।
सत्र के प्रारंभ में छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व सदस्य जगेश्वर राम भगत और राज्यसभा की पूर्व सदस्य मोहसिना किदवई के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। सदन के सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी माहौल गरमा गया है। राज्य सरकार नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन से जुड़े 131वें संविधान संशोधन विधेयक के पारित न होने के विरोध में निंदा प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। इस मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने के आसार हैं।
सरकार का कहना है कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का उद्देश्य विपक्ष के रुख के कारण पूरा नहीं हो सका, जबकि विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर राजनीतिकरण का आरोप लगा रहा है।
विशेष सत्र के दौरान सदन में जोरदार बहस और टकराव की स्थिति बन सकती है, जिससे आज का दिन प्रदेश की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।





