July 23, 2026

छत्तीसगढ़ में बासमती धान की खेती को बढ़ावा देने की तैयारी, किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस

रायपुर।

छत्तीसगढ़ में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बासमती धान की खेती के विस्तार को लेकर राज्य सरकार ने नई पहल शुरू की है। इसी क्रम में कृषि विकास मंत्री राम विचार नेताम की अध्यक्षता में अटल नगर, नवा रायपुर स्थित उनके निवास कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।

बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, कृषि संचालक राहुल देव, अनुसंधान संचालक डॉ. संजय त्रिपाठी, बीज निगम, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक तथा इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के पदाधिकारी शामिल हुए।

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर

कृषि मंत्री राम विचार नेताम ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों की आय को दोगुना करना है, जिसके लिए बासमती धान की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में गंभीरता और तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि किसानों के हित सर्वोपरि हैं और उनकी आय बढ़ाने के लिए जो भी आवश्यक कदम होंगे, सरकार उन्हें प्राथमिकता के साथ लागू करेगी। बैठक में सामान्य धान की खेती से आगे बढ़कर फसल विविधीकरण और बासमती धान के रकबे में वृद्धि की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरुआत

कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने बताया कि छत्तीसगढ़ में बासमती धान की खेती को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बढ़ावा देने पर सहमति बनी है।

उन्होंने कहा कि राज्य में धान की विभिन्न किस्मों का व्यापक उत्पादन होता है, लेकिन बासमती और सुगंधित चावल की अंतरराष्ट्रीय और यूरोपीय बाजारों में विशेष मांग है, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिल सकता है।

अनुकूल क्षेत्रों की पहचान होगी

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य के उन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी जहां जलवायु और तापमान बासमती धान उत्पादन के लिए अनुकूल हैं। चयनित क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाकर किसानों को अधिक लाभ देने की योजना पर काम किया जाएगा।

निर्यात और बाजार से जुड़ाव पर फोकस

इंडियन राइस एक्सपोर्टर्स फेडरेशन के पदाधिकारियों ने राज्य में बासमती उत्पादन और निर्यात बढ़ाने में सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने बायबैक व्यवस्था, विपणन सहयोग और अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई।

समन्वित व्यवस्था विकसित करने पर सहमति

बैठक में यह भी सहमति बनी कि उत्पादन से लेकर विपणन और निर्यात तक एक समन्वित प्रणाली विकसित की जाएगी। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा और छत्तीसगढ़ सुगंधित चावल उत्पादन के क्षेत्र में एक नई पहचान बना सकेगा।