March 3, 2026

शिक्षा प्रशासन में छत्तीसगढ़ बना सुशासन का मॉडल, IIT भिलाई ने विद्या समीक्षा केंद्र को बताया राष्ट्रीय स्तर की पहल

रायपुर। छत्तीसगढ़ ने शिक्षा प्रशासन में प्रौद्योगिकी के प्रभावी उपयोग के माध्यम से सुशासन का एक मजबूत और अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया है। आईआईटी भिलाई इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन (IBITF) ने राज्य के विद्या समीक्षा केंद्र (VSK) को शिक्षा क्षेत्र में टेक्नोलॉजी-संचालित सुशासन का प्रमुख उदाहरण बताते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर पर सराहनीय पहल करार दिया है।

आईबीआईटीएफ के अनुसार, यह मॉडल पारदर्शिता, जवाबदेही और नागरिक-केंद्रित प्रशासन की दिशा में छत्तीसगढ़ की ठोस उपलब्धि को दर्शाता है। विद्या समीक्षा केंद्र, छत्तीसगढ़ शासन के सुशासन एवं अभिसरण विभाग के अंतर्गत स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित एक अभिनव डिजिटल पहल है, जो शिक्षा व्यवस्था में डेटा-आधारित निर्णय प्रक्रिया को संस्थागत स्वरूप प्रदान करता है।


🏫 विशाल शिक्षा तंत्र का डिजिटल प्रबंधन

छत्तीसगढ़ देश की सबसे बड़ी सार्वजनिक शिक्षा प्रणालियों में से एक का संचालन करता है, जिसमें 48,500 से अधिक शासकीय विद्यालय, 39 लाख से ज्यादा विद्यार्थी तथा करीब 1.8 लाख शिक्षक व कर्मचारी शामिल हैं।

पहले बिखरे हुए डेटा, सीमित रियल-टाइम निगरानी और निर्णय में विलंब जैसी चुनौतियां प्रणाली की दक्षता को प्रभावित करती थीं। विद्या समीक्षा केंद्र ने इन समस्याओं का समाधान करते हुए एक केंद्रीकृत रियल-टाइम डिजिटल मॉनिटरिंग और एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म के रूप में कार्य करना शुरू किया है, जिससे योजनाओं और नीतियों का क्रियान्वयन अधिक तेज, सटीक और परिणामोन्मुख बन पाया है।


📊 विद्या समीक्षा केंद्र से शिक्षा व्यवस्था हुई सुदृढ़

विद्या समीक्षा केंद्र के अंतर्गत UDISE, HRMIS, पीएम पोषण, PGI, APAAR ID, आधार और GIS मैपिंग जैसे डेटाबेस का एकीकृत उपयोग किया जा रहा है। इससे विद्यालय अधोसंरचना, शिक्षक तैनाती, छात्र उपस्थिति, अधिगम परिणाम और योजनाओं की सतत निगरानी संभव हो पाई है।

केंद्र में प्रयुक्त AI आधारित एनालिटिक्स और प्रेडिक्टिव मॉडल संभावित ड्रॉपआउट और अधिगम अंतराल की समय रहते पहचान में मदद कर रहे हैं। यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बना रही है।


🤝 सरकार और नागरिकों के बीच बढ़ी सहभागिता

छत्तीसगढ़ की इस डिजिटल पहल की मापनीय उपलब्धियां इसकी सफलता को दर्शाती हैं। अब तक लगभग 87% विद्यार्थियों का APAAR ID, करीब 89% आधार सत्यापन, और 2.13 करोड़ से अधिक पाठ्यपुस्तकों की बारकोड आधारित ट्रैकिंग की जा चुकी है, जिससे अनुमानित ₹50 करोड़ की बचत संभव हुई है।

विद्या समीक्षा केंद्र को एक समर्पित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और कॉल सेंटर का समर्थन प्राप्त है, जिससे शिकायत निवारण, डेटा सत्यापन और फील्ड-स्तरीय फीडबैक को मजबूती मिली है और शासन तथा नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ा है।


🚀 डेटा आधारित शासन संस्कृति की स्थापना

आईबीआईटीएफ ने कहा कि विद्या समीक्षा केंद्र छत्तीसगढ़ में डेटा आधारित शासन संस्कृति स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। इसके जरिए शिक्षा प्रशासन अधिक प्रो-एक्टिव, पारदर्शी और परिणाम-केंद्रित स्वरूप में विकसित हुआ है।

एनएम-आईसीपीएस मिशन के तहत भारत सरकार द्वारा स्थापित टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब (TIH) के रूप में आईबीआईटीएफ ने विद्या समीक्षा केंद्र को प्रौद्योगिकी-सक्षम सुशासन और शिक्षा सुधार का राष्ट्रीय मानक मॉडल बताया है। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ को सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में स्थापित करती है।