March 3, 2026

छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र 2026-27 : ओपी चौधरी पेश करेंगे अपना तीसरा बजट, जानें वित्त मंत्रियों का इतिहास

रायपुर: छत्तीसगढ़ के नए विधानसभा भवन में बजट सत्र 2026-27 का आगाज हो चुका है। इस बार वित्त मंत्री ओपी चौधरी 24 फरवरी को अपना तीसरा बजट प्रस्तुत करने जा रहे हैं। इस सत्र की सबसे बड़ी खासियत यह है कि प्रदेश के वित्त मंत्रियों के इतिहास पर भी खास चर्चा हो रही है, जिन्होंने पिछले दशकों में छत्तीसगढ़ की आर्थिक दिशा तय की है।

बजट सत्र की शुरुआत और प्रमुख बातें

  • राज्यपाल डेका ने पहले दिन अभिभाषण किया।
  • वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया।
  • प्रदेशवासियों की निगाहें इस बजट पर टिकी हैं कि सरकार किस क्षेत्र में अधिक निवेश और सुधार करेगी।

वित्त मंत्रियों का इतिहास और उनके बजट

  1. रामचंद्र सिंहदेव (2001-2004):
    छत्तीसगढ़ के पहले वित्त मंत्री, जिन्होंने कुल तीन बजट पेश किए। इन बजटों में आर्थिक विकास की नींव रखी गई।
  2. अमर अग्रवाल (2004-2007):
    तीन साल तक वित्त मंत्री रहे। बजट मितव्ययी और प्रभावशाली रहे। बाद में उन्होंने पद छोड़ा।
  3. डॉ. रमन सिंह (2007-2018):
    मुख्यमंत्री रहते हुए 12 बजट पेश किए। इस अवधि में बजट आकार में निरंतर वृद्धि हुई।
  4. भूपेश बघेल (2018-2023):
    कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहते वित्त मंत्री। दो बजट प्रस्तुत किए।
  5. ओपी चौधरी (2023-वर्तमान):
    पहली बार 2023 में वित्त मंत्री बने। अब तीसरा बजट पेश करने जा रहे हैं।

आगामी बजट पर क्या उम्मीद?

  • सामाजिक सुरक्षा, रोजगार सृजन, कृषि विकास और बुनियादी ढांचे पर खास फोकस।
  • समावेशी विकास एवं प्रदेश की आर्थिक मजबूती पर विशेष ध्यान।
  • छत्तीसगढ़ के विकास के लिए नई योजनाएं।

छत्तीसगढ़ का यह बजट सत्र प्रदेश के आर्थिक विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर होगा। वित्त मंत्री ओपी चौधरी का तीसरा बजट प्रदेश के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक ठोस कदम साबित होगा।