रायपुर। दिल्ली और राजस्थान के कोटा में कोचिंग सेंटरों में हुई आगजनी की घटनाओं के बाद छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्यभर में सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का निर्णय लिया है। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव ने सभी नगरीय निकायों को अपने-अपने क्षेत्र के भवनों का सेफ्टी ऑडिट कराने के निर्देश दिए हैं।
अरुण साव ने बताया कि सभी नगर निगम आयुक्तों को पत्र जारी कर निर्धारित सुरक्षा मानकों के आधार पर भवनों का निरीक्षण कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की टीम गठित कर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
सुरक्षा मानकों की होगी जांच
सेफ्टी ऑडिट के दौरान भवनों में अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकासी मार्ग, विद्युत सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया जाएगा। जहां भी सुरक्षा संबंधी खामियां मिलेंगी, वहां नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सभी निकायों से मांगी गई रिपोर्ट
डिप्टी सीएम ने कहा कि कार्रवाई पूरी होने के बाद सभी नगरीय निकायों से विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी गई है, ताकि पूरे राज्य में भवनों की सुरक्षा व्यवस्था का आकलन किया जा सके और आवश्यकता पड़ने पर आगे के कदम उठाए जा सकें।
उन्होंने कहा कि हाल ही में दिल्ली और कोटा में कोचिंग सेंटरों में हुई आगजनी की घटनाओं में कई लोगों की जान गई थी। इन घटनाओं के बाद सार्वजनिक भवनों की सुरक्षा को लेकर देशभर में चिंता बढ़ी है। इसी को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्यव्यापी सेफ्टी ऑडिट कराने का फैसला लिया है।








