March 5, 2026

रायपुर: CM विष्णु देव साय की अध्यक्षता में 4 फरवरी को मंत्रिपरिषद की बैठक, कई बड़े फैसलों की संभावना

रायपुर: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय (CM Vishnu Deo Sai) की अध्यक्षता में बुधवार, 4 फरवरी को मंत्रिपरिषद की बैठक (Cabinet Meeting) बुलाई गई है। इस बैठक में कैबिनेट के सदस्यों के बीच विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी और कई अहम फैसलों को मंजूरी मिलने की संभावना है। बैठक नवा रायपुर स्थित मंत्रालय (महानदी भवन) में सुबह लगभग 11 बजे शुरू होने की संभावना है। इससे पहले 21 जनवरी को हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने जनहित से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए थे।

21 जनवरी की कैबिनेट बैठक में लिए गए बड़े फैसले

  1. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव को अनुमोदित किया और संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया।
  2. मंत्रिपरिषद ने एसव्हीकेएम (SVKM) को नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान स्थापित करने के लिए नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर-18 में लगभग 40 एकड़ भू-खण्ड 90 वर्षों के लीज पर आबंटित करने की स्वीकृति दी। एसव्हीकेएम 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत एक ख्याति प्राप्त संस्था है और वर्तमान में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित करती है। यह प्रति वर्ष एक लाख से अधिक छात्रों को प्री-प्राइमरी से डॉक्टोरल स्तर तक शिक्षा प्रदान करती है। 2025 में इसे एनआईआरएफ यूनिवर्सिटी रैंकिंग में 52वां स्थान मिला। इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और मजबूती मिलेगी।
  3. मंत्रिपरिषद ने सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू कर 04 नवीन उद्यमिता केन्द्रों की स्थापना का निर्णय लिया। यह कदम राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योग और तकनीकी स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण होगा। STPI भारत में 68 केन्द्र संचालित करता है, जिनमें 60 टियर-2 और टियर-3 शहरों में हैं। इन केन्द्रों के माध्यम से आगामी 3-5 वर्षों में 133 डोमेन विशेष स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, छात्रों, उद्यमियों और उद्योगों को ईएसडीएम प्रोटोटाइप विकास में सहयोग देने के लिए एक ईएसडीडी केन्द्र स्थापित किया जाएगा। यह केंद्र प्रति वर्ष 30-40 हार्डवेयर स्टार्टअप और MSME को सभी आवश्यक सहायता प्रदान करेगा।
  4. मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया कि राज्य के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। वर्तमान संसाधनों को मजबूत किया जाएगा और निर्धारित मानक के अनुसार जांच की संख्या बढ़ाई जाएगी।