March 5, 2026

रायपुर: CM विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, नशा विरोधी अभियान और कई अहम निर्णय लिए गए

रायपुर, छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार, 4 फरवरी को मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कई अहम विषयों पर चर्चा हुई और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में नशे पर शिकंजा कसने के लिए 10 जिलों में एंटी नार्कोटिक्स टीम के गठन का फैसला किया गया, साथ ही पुलिस मुख्यालय में विशेष शाखा स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) का गठन भी किया जाएगा, जिसके लिए 44 नए पद स्वीकृत किए गए हैं।

मंत्रिमंडल ने मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए प्रदेश के 10 जिलों में जिला स्तरीय एन्टी नार्कोटिक्स टॉस्क फोर्स के गठन के लिए 100 नवीन पदों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के मुख्य बजट में स्वीकृत किया। इन जिलों में रायपुर, महासमुंद, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर, सरगुजा, कबीरधाम, जशपुर, राजनांदगांव और कोरबा शामिल हैं।

इसके अलावा, एसओजी का गठन बड़े या अचानक हुए खतरनाक घटनाओं में तुरंत प्रतिक्रिया देने के लिए किया जाएगा। एसओजी एक विशेष रूप से प्रशिक्षित टीम होगी, जो आतंकी हमले या गंभीर खतरे को जल्दी खत्म करने में सक्षम होगी।

बैठक में राज्य के विभिन्न एयरपोर्ट और हवाई पट्टियों में उड़ान प्रशिक्षण संगठन (FTO) स्थापित करने का निर्णय लिया गया। यह पहल विमानन क्षेत्र में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएगी और एयरक्राफ्ट रिसाइक्लिंग, हेलीकॉप्टर बंकिंग, एयरो स्पोर्ट्स जैसी सेवाओं का विकास करेगी।

मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 को भी मंजूरी दी, जिससे राज्य में स्टार्टअप ईकोसिस्टम, इन्क्यूबेटर्स और अन्य हितधारकों का विकास होगा और छत्तीसगढ़ देश में एक प्रमुख नवाचार केंद्र के रूप में उभर सकेगा।

गृह निर्माण मंडल और रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाई गई 35 आवासीय कॉलोनियों को नगर निगम और नगर पालिकाओं को हस्तांतरित करने का निर्णय भी लिया गया। इससे कॉलोनीवासियों को पानी, बिजली, सड़क और सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध होंगी और दोहरा रखरखाव शुल्क समाप्त होगा।

नवा रायपुर अटल नगर में शासकीय विभागों और निगम मंडल के कार्यालयों के लिए वृहद बहुमंजिला भवन बनाने और सिरपुर तथा अरपा क्षेत्रों में सुनियोजित विकास के लिए शासकीय भूमि आबंटन के अधिकार जिला कलेक्टरों को देने का निर्णय लिया गया।

बैठक में छत्तीसगढ़ क्लाउड फर्स्ट नीति को लागू करने की स्वीकृति दी गई। इसके तहत राज्य शासन के सभी विभाग केवल भारत में सुरक्षित डेटा सेंटर या क्लाउड सेवा प्रदाताओं से ही सेवाएं लेंगे। नीति से आईटी संचालन में दक्षता, लागत में कमी और साइबर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

अंततः, मोबाइल टावर योजना को स्वीकृति दी गई, जिससे वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों और दूरस्थ इलाकों में डिजिटल कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा, ई-गवर्नेंस का विस्तार और स्वास्थ्य, शिक्षा एवं आपातकालीन सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी।