September 4, 2026

मुख्य सचिव विकासशील ने ली विभागीय सचिवों की हाईलेवल बैठक, योजनाओं की मॉनिटरिंग और रिफॉर्म पर दिया जोर

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील ने मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में राज्य शासन के सभी विभागों के भारसाधक सचिवों की उच्च स्तरीय बैठक ली। बैठक में विभिन्न विभागों के महत्वपूर्ण कार्यों, योजनाओं के क्रियान्वयन और उनकी प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का समय पर निराकरण करने और योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सेवानिवृत्ति से पहले अधिकारी-कर्मचारियों के प्रकरणों का करें निराकरण

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न प्रकरणों का निराकरण सेवानिवृत्ति से पहले ही सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विभागवार सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की सूची नियत अवधि में तैयार की जाए, ताकि उनके पेंशन, सेवा लाभ और अन्य प्रकरणों के निराकरण में अनावश्यक देरी न हो।

उन्होंने विभागों में रिक्त पदों और बैकलॉग पदों की जानकारी तैयार कर सेटअप के अनुसार भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के भी निर्देश दिए।

योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश

बैठक में मुख्य सचिव ने विभागीय सचिवों को अपने-अपने विभागों की योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग करने को कहा। इस दौरान लोक सेवा गारंटी, सूचना का अधिकार, सेवा सेतु, पीएम प्रगति पोर्टल, ई-प्रगति, डी-रेगुलेशन सहित ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं और अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी ली गई।

अधिकारियों ने बताया कि लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत अब तक 728 सेवाएं अधिसूचित की जा चुकी हैं।

iGOT प्रशिक्षण की विभागवार मॉनिटरिंग पर जोर

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को iGOT के तहत विभागवार चिन्हित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारियों को उनके विभाग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण दिलाया जाए और इसके लिए विभागवार कार्ययोजना तैयार की जाए।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपने-अपने विभागों में किए जा रहे रिफॉर्म से संबंधित जानकारी भी तैयार रखें। आगामी दिनों में ‘रिफॉर्म उत्सव’ अभियान का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए विभागों को आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव सुषमा सावंत, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, मुख्यमंत्री एवं सुशासन अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, स्वास्थ्य विभाग के सचिव अमित कटारिया, ऊर्जा विभाग के सचिव सारांश मित्तर, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, सामान्य प्रशासन एवं वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, परिवहन विभाग के सचिव एस. प्रकाश, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव बसवराजु एस., राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव शम्मी आबिदी, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव भुवनेश यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।