July 23, 2026

कोयला लेवी घोटाला: EOW की हिरासत में वैभव अग्रवाल, पूर्व कांग्रेस कोषाध्यक्ष के बेटे से पूछताछ तेज

रायपुर।

छत्तीसगढ़ के चर्चित कथित कोयला लेवी घोटाले की जांच में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने फरार चल रहे छत्तीसगढ़ कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल के बेटे वैभव अग्रवाल को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में दर्ज एफआईआर में पिता-पुत्र दोनों के नाम पहले से शामिल हैं।

जानकारी के अनुसार, रामगोपाल अग्रवाल अभी भी फरार हैं, जबकि वैभव अग्रवाल से कथित कोयला लेवी घोटाले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, हिरासत की 24 घंटे की अवधि पूरी होने से पहले उन्हें EOW की विशेष अदालत में पेश किया जा सकता है।

इस मामले पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि EOW सहित सभी जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह पुराना मामला है और जिनके पास भी संबंधित जानकारी है, उन्हें जांच एजेंसियों को सहयोग करना चाहिए। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पूछताछ में सामने आई जानकारियों के आधार पर EOW आगे क्या कार्रवाई करती है।

क्या है कोयला लेवी घोटाला?

प्रवर्तन निदेशालय (ED) और EOW की जांच के अनुसार, जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच प्रदेश में प्रति टन कोयले पर 25 रुपये की कथित अवैध लेवी वसूली गई। आरोप है कि ऑनलाइन परमिट प्रक्रिया को ऑफलाइन कर वरिष्ठ राजनेताओं, नौकरशाहों और अन्य लोगों की कथित मिलीभगत से कोयला परिवहनकर्ताओं से यह वसूली की गई।

जांच एजेंसियों के अनुसार, इस कथित सिंडिकेट का मुख्य संचालक कोयला कारोबारी सूर्यकांत तिवारी और निलंबित उप सचिव सौम्या चौरसिया को माना गया है। जांच में करीब 540 करोड़ रुपये की कथित अवैध वसूली का उल्लेख किया गया है।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि कथित लेवी वसूली के लिए ‘पाल’, ‘दुर्ग’, ‘वीकली’, ‘टावर’, ‘टुडे’ और ‘जुगनू’ नाम से कई व्हाट्सएप ग्रुप संचालित किए गए थे। ED अब तक करीब 273 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अटैच कर चुकी है। इसके अलावा 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 35 आरोपियों के खिलाफ पांच आरोपपत्र विशेष अदालत में प्रस्तुत किए जा चुके हैं।