रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है। अधिनियम के नियमों के राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही यह कानून राज्यभर में प्रभावी हो गया है। नए नियमों में धर्म परिवर्तन से जुड़ी प्रक्रिया, सूचना, जांच और कार्रवाई की व्यवस्था को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।
चार भाग और 24 धाराओं में तैयार किए गए नियम
सरकार द्वारा जारी नियम चार भागों और 24 धाराओं में विभाजित हैं। इनमें धर्म परिवर्तन की सूचना देने की प्रक्रिया, जांच, प्रशासनिक जिम्मेदारियां और कानूनी कार्रवाई से जुड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही अवैध धर्मांतरण के मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया भी स्पष्ट कर दी गई है।
गृहमंत्री विजय शर्मा का सख्त संदेश
अधिनियम लागू होने के बाद प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य कानून का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि अवैध धर्मांतरण में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
उन्होंने कहा, “24 धाराओं वाला धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम-2026 पूरी तरह लागू हो चुका है। 4 अगस्त को इसके नियमों की अधिसूचना राजपत्र में प्रकाशित की गई थी। अब जो लोग अवैध धर्मांतरण जैसी गतिविधियों में शामिल होंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
अवैध धर्मांतरण पर सरकार का फोकस
गृहमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगी। कानून के तहत दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ निर्धारित प्रावधानों के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का कहना है कि नए नियमों के लागू होने से धर्मांतरण से जुड़े मामलों में प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक स्पष्ट और प्रभावी होगी।






