रायपुर। स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और शैक्षणिक गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा के लिए मंत्रालय में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की अध्यक्षता में संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विद्यालयों के संचालन, शैक्षणिक गुणवत्ता और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मंत्री यादव ने सभी विद्यालयों में साफ-सफाई, आवश्यक मरम्मत कार्य, पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश वितरण, साइकिल वितरण तथा अन्य जरूरी कार्यों के लिए जारी राशि का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को शासन की सभी सुविधाएं निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
31 जुलाई तक ड्रॉपआउट बच्चों का पुनः प्रवेश
समीक्षा के दौरान विद्यालय छोड़ चुके बच्चों को विशेष अभियान चलाकर 31 जुलाई 2026 तक पुनः स्कूलों में प्रवेश दिलाने के निर्देश दिए गए। साथ ही शिक्षकों की VSK App के माध्यम से शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
मंत्री यादव ने कहा कि प्राथमिक स्तर के विद्यार्थियों को बारहखड़ी और 20 तक के पहाड़े तथा माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को 25 तक के पहाड़े, हिंदी और अंग्रेजी की धाराप्रवाह पढ़ाई आनी चाहिए। इसके लिए विशेष प्रयास करने और शिक्षण गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए।
जर्जर स्कूल भवन होंगे डिस्मेंटल
बैठक में जर्जर विद्यालय भवनों की सूची तैयार कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत उन्हें चरणबद्ध तरीके से डिस्मेंटल करने के निर्देश दिए गए। भवनविहीन विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा जिला कलेक्टर और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) द्वारा किए जाने के निर्देश भी दिए गए।
इसके अलावा जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में संलग्न शिक्षकों को उनकी मूल पदस्थापना स्थल पर तत्काल वापस भेजने के निर्देश जारी किए गए। बैठक में RMSA प्राप्त विद्यालयों के निरीक्षण, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के अंतर्गत केंद्रीकृत किचन व्यवस्था और स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना की भी समीक्षा की गई।

1 अप्रैल से शुरू होगा नया शैक्षणिक सत्र
बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के सभी विद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया और शैक्षणिक सत्र का प्रारंभ 1 अप्रैल से किया जाएगा। साथ ही वर्ष 2027-28 से विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश और साइकिल का वितरण भी 1 अप्रैल को ही सुनिश्चित किया जाएगा।
मंत्री यादव ने कहा कि इस व्यवस्था से सरकारी विद्यालयों में भी निजी विद्यालयों की तरह समय पर पढ़ाई शुरू होगी, पाठ्यक्रम समय पर पूरा होगा और परीक्षा परिणामों में सुधार आएगा।
जुलाई से VSK App पर उपस्थिति अनिवार्य
बैठक में VSK App के माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए निर्णय लिया गया कि सभी शिक्षकों और कर्मचारियों को ऐप पर पंजीयन और नियमित उपस्थिति दर्ज करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
निर्णय के अनुसार वर्तमान माह की उपस्थिति के आधार पर किसी भी शिक्षक या कर्मचारी के वेतन में कटौती नहीं की जाएगी। हालांकि जुलाई माह से स्कूल शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों का ऐप पर पंजीयन अनिवार्य होगा तथा जुलाई का वेतन ऐप में दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही देय होगा।
बैठक में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव कमलप्रीत सिंह, आयुक्त समग्र शिक्षा किरण कौशल तथा लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक ऋतुराज रघुवंशी ने भी विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।





