January 16, 2026

नियमितीकरण की मांग पर अड़े विद्युत संविदा कर्मचारी, अनिश्चितकालीन आंदोलन के संकेत

रायपुर।
छत्तीसगढ़ विद्युत संविदा कर्मचारी संघ प्रबंधन की कथित वादाखिलाफी और लंबित नियमितीकरण मांगों को लेकर नाराज है। इसी के तहत संघ ने 12 से 14 जनवरी तक तीन दिवसीय सांकेतिक काम बंद का आयोजन किया, जिसे कर्मचारियों का व्यापक समर्थन मिला। संघ के महामंत्री कमलेश भारद्वाज ने बताया कि आंदोलन शांतिपूर्ण और सफल रहा, लेकिन इसके बावजूद कंपनी प्रबंधन की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।

पूर्व में नियमितीकरण के बावजूद वर्तमान कर्मचारियों की अनदेखी

संघ अध्यक्ष हरिचरण ने बताया कि विद्युत कंपनी ने वर्ष 2007, 2009 और 2011 में समान पदों पर कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित किया था। इसके बावजूद वर्तमान संविदा कर्मचारियों को समान सेवा शर्तों और अनुभव के बावजूद नियमित नहीं किया जाना समानता के अधिकार का उल्लंघन है।

श्रम न्यायालय में सहमति, फिर भी निर्णय लंबित

संघ के अनुसार इस विषय में श्रम न्यायालय में त्रिपक्षीय वार्ता भी हो चुकी है, जिसमें प्रबंधन ने मांगों के पक्ष में सहमति जताई थी, लेकिन आज तक उस पर अमल नहीं किया गया। कर्मचारियों का कहना है कि विद्युत विभाग का कार्य अत्यंत जोखिमपूर्ण है और दुर्घटनाओं की आशंका हमेशा बनी रहती है।

आंकड़े डराने वाले, जिम्मेदारी पर सवाल

संघ ने बताया कि वर्ष 2016 से अब तक करीब 40 संविदा कर्मचारियों की मृत्यु और 100 से अधिक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि इन दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।

नियुक्ति नियमों का हवाला

संघ का कहना है कि नियुक्ति के एजेंडा में स्पष्ट उल्लेख है कि 6 वर्ष का सेवा अनुभव और पद रिक्तता होने पर संविदा कर्मचारियों को नियमित किया जा सकता है। वर्तमान में सभी आवश्यक शर्तें पूरी होने के बावजूद नियमितीकरण नहीं किया जाना प्रबंधन की अमानवीय सोच और अपने ही नियमों के उल्लंघन को दर्शाता है।

डॉ. रमन सिंह के बयान का भी हवाला

संघ ने बताया कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह भी संविदा कर्मचारियों की मांग को उचित ठहरा चुके हैं। उनके कार्यकाल में विद्युत कंपनी में कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित किया गया था। ऐसे में वर्तमान कर्मचारियों को भी नियमित करने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए।

अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी

संघ का कहना है कि कर्मचारियों का आक्रोश अब चरम पर है। यदि जल्द ही कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो संघ अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने को मजबूर होगा। संघ ने स्पष्ट किया कि आंदोलन की एकमात्र मांग नियमितीकरण होगी।