छत्तीसगढ़ के बच्चों और युवाओं के लिए विज्ञान और अंतरिक्ष की दुनिया में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का विधिवत शुभारंभ किया। यह केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है, जहां वे विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान के माध्यम से सीख सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल का विस्तार किया जाएगा और भविष्य में सभी जिलों में अंतरिक्ष केंद्र खोले जाएंगे। उन्होंने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि अब उनके सपनों को पंख मिल गए हैं और उनका आकाश और भी बड़ा हो गया है।

“यह केंद्र युवाओं को सिर्फ ज्ञान नहीं देगा, बल्कि उन्हें स्पेस साइंस के क्षेत्र में रोजगार और करियर के अवसर भी प्रदान करेगा। हम चाहते हैं कि तकनीक आधारित करियर में युवाओं की भागीदारी बढ़े और महानगरों की ओर पलायन रुके।” – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

अंतरिक्ष केंद्र से मिलने वाले लाभ:
- बच्चों को सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान, क्लाउड मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीक में प्रशिक्षण।
- किसानों को सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी, जिससे कृषि में सुधार।
- तकनीक आधारित रोजगार और नवाचार के अवसर।
- राष्ट्रीय सुरक्षा और अंतरिक्ष विज्ञान में भविष्य के करियर के लिए मार्ग प्रशस्त करना।
अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन डॉ. शुभांशु शुक्ला ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि अंतरिक्ष यात्रा संयम और मेहनत का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने बताया कि भारत ने 41 वर्षों के बाद अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। डॉ. शुभांशु ने बच्चों को प्रेरित किया कि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती और बड़े सपने देखने से ही भविष्य आकार लेता है।

कार्यक्रम में कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और वन एवं संसदीय कार्य मंत्री केदार कश्यप ने भी बच्चों और युवाओं को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम बच्चों का आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच बढ़ाते हैं।
उद्घाटन कार्यक्रम में विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, कलेक्टर, निगम आयुक्त और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। बच्चों ने अंतरिक्ष यात्री को पोर्ट्रेट भेंट कर सम्मानित किया।





