July 23, 2026

‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान शुरू करेगी राज्य सरकार, 23 जिलों में 31 योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के पात्र परिवारों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान शुरू करने जा रही है। यह अभियान राज्य के 23 जिलों में संचालित होगा, जिसके तहत 31 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं का संतृप्तिकरण किया जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण केवल अधोसंरचना विकास से नहीं, बल्कि प्रत्येक पात्र परिवार तक शासन की योजनाओं की प्रभावी और समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करने से होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि उनके सकारात्मक परिणाम लोगों के जीवन में दिखाई देना भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिसमें लोगों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए भटकना न पड़े, बल्कि शासन स्वयं पात्र हितग्राहियों तक पहुंचकर उन्हें योजनाओं से जोड़े। ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ इसी सोच का विस्तार है।

‘नियद नेल्लानार’ मॉडल से प्रेरित पहल

राज्य सरकार ने बताया कि बस्तर संभाग में संचालित ‘नियद नेल्लानार’ योजना की सफलता के बाद अब उसी मॉडल को प्रदेश के अन्य 23 जिलों में विस्तारित किया जा रहा है। अभियान के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के जिलों में ग्रामीण परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा।

31 योजनाओं का मिलेगा लाभ

अभियान के अंतर्गत मनरेगा जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), जल जीवन मिशन, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, महतारी वंदन योजना, जन-धन योजना, श्रम कार्ड, वनाधिकार पट्टा, आधार कार्ड सहित 31 प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है।

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CHiPS तैयार करेगा डिजिटल डैशबोर्ड

अभियान की निगरानी के लिए छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) एक अत्याधुनिक डिजिटल डैशबोर्ड विकसित करेगी। इसके माध्यम से राज्य से लेकर ग्राम स्तर तक योजनाओं की प्रगति, पात्र हितग्राहियों की संख्या और संतृप्तिकरण की स्थिति की रियल-टाइम निगरानी की जा सकेगी।

तीन चरणों में होगा क्रियान्वयन

अभियान को तीन चरणों में लागू किया जाएगा। पहले चरण में सर्वेक्षण और डेटा संग्रहण होगा। दूसरे चरण में विशेष शिविरों के माध्यम से पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा। तीसरे चरण में निगरानी, समीक्षा और मूल्यांकन के जरिए प्रगति का आकलन किया जाएगा।

जिला प्रशासन की होगी अहम भूमिका

अभियान के संचालन में जिला कलेक्टर प्रमुख भूमिका निभाएंगे। वहीं संभागायुक्त स्तर पर नियमित समीक्षा की जाएगी और मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली राज्य स्तरीय समिति इसकी निगरानी करेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ नागरिक-केंद्रित सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक विकास, सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि के अवसर पहुंचाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह अभियान प्रदेश में सुशासन और समावेशी विकास का नया अध्याय लिखेगा।