July 29, 2026

छत्तीसगढ़ में गठित होंगी एक्सक्लूसिव NDPS कोर्ट, रायपुर-बिलासपुर समेत 3 जगहों पर विशेष अदालतें शुरू

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने मादक पदार्थों से जुड़े मामलों के तेजी से निराकरण के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य के विधि एवं विधायी कार्य विभाग ने रायपुर, बिलासपुर और महासमुंद जिले के सरायपाली में एक्सक्लूसिव स्पेशल NDPS कोर्ट गठित करने की अधिसूचना जारी कर दी है।

एनडीपीएस एक्ट 1985 की धारा 36(2) और उच्च न्यायालय की सहमति के आधार पर गठित ये विशेष अदालतें केवल मादक पदार्थों से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगी। इससे ड्रग तस्करी, अवैध सप्लाई और नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे में मदद मिलेगी।

राज्य शासन ने रायपुर में विशेष NDPS कोर्ट की जिम्मेदारी दसवीं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्मृति किरण थवाइट को सौंपी है। बिलासपुर में तृतीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्मृति किरण त्रिपाठी को विशेष न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। वहीं सरायपाली क्षेत्र के लिए प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय के अतिरिक्त न्यायाधीश पवन कुमार अग्रवाल को विशेष न्यायाधीश बनाया गया है।

अधिसूचना के अनुसार इन अदालतों का अधिकार क्षेत्र संबंधित सिविल जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा तय कार्य विभाजन के अनुसार रहेगा। तीनों अदालतें 11 मई 2026 से प्रभावी मानी गई हैं।

21 नए पदों को मंजूरी

नई अदालतों के संचालन के लिए राज्य शासन ने कुल 21 नए पदों के सृजन को भी मंजूरी दी है। इनमें अतिरिक्त जिला न्यायाधीश, स्टेनोग्राफर, रीडर ग्रेड-1, एक्जीक्यूशन क्लर्क, डिपोजिशन राइटर, प्रोसेस राइटर और भृत्य के पद शामिल हैं।

इन पदों के लिए वित्त विभाग ने आकस्मिकता निधि से प्रतीकात्मक 100 रुपये के अग्रिम व्यय की स्वीकृति दी है, जिसकी प्रतिपूर्ति वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में की जाएगी।

हाईकोर्ट ने जारी किए निर्देश

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल Rajneesh Srivastava द्वारा जारी आदेश में संबंधित जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नियुक्त न्यायाधीशों को 11 मई 2026 को अपने नए पद का कार्यभार ग्रहण करने कहा गया है।

कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि विशेष NDPS अदालतों के गठन से लंबित मामलों का बोझ कम होगा और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी।