बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य में पदस्थ 38 सिविल जज (जूनियर डिवीजन) को पदोन्नत करते हुए सिविल जज (सीनियर डिवीजन) बनाया है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार सभी न्यायिक अधिकारियों को मार्च और अप्रैल 2026 की विभिन्न तिथियों से पदोन्नति का लाभ प्रदान किया गया है।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पदोन्नत अधिकारियों को निर्धारित तिथियों से सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर नियुक्ति का लाभ मिलेगा।
इन न्यायिक अधिकारियों को मिली पदोन्नति
पदोन्नति पाने वाले न्यायिक अधिकारियों में अंजली पांडेय, अंकिता अग्रवाल, दिव्या गोयल, ऐश्वर्या दीवान, शैलेश कुमार वशिष्ठ, आफरीन बानो, हर्षि अग्रवाल, मीनू नंद, प्रज्ञा अग्रवाल, स्वर्णा देहरे, काम्या अय्यर, सारिका नंदे, अजय सिंह मीणा, रश्मि मिश्रा, शाश्वत दुबे, कोनिका यादव, आशीष कुमार चांदहे, गुरु प्रसाद देवांगन, कुमुदिनी गर्ग, अंकिता यदु, उन्नति महेश्वर, सिद्धार्थ आनंद सोनी, तनया ब्राह्मी, नीति, मनीष कुमार, साक्षी ध्रुव, पार्थ दुबे, जेनिफर लकड़ा, धारिणी राणा, प्रांजलि नेताम, राजेश खलको, अजय लकड़ा, ध्रुवराज ग्वाल, शिवेंद्र कुमार टेकाम, श्वेता ठाकुर, पुनीत तिग्गा, डिंपल और प्रवीण कुजूर शामिल हैं।
मार्च और अप्रैल से मिलेगा पदोन्नति का लाभ
हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार सभी पदोन्नत न्यायिक अधिकारियों को मार्च एवं अप्रैल 2026 की विभिन्न प्रभावी तिथियों से सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद का लाभ मिलेगा। इस आदेश के बाद प्रदेश की अधीनस्थ न्यायिक व्यवस्था में इन अधिकारियों की नई जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।





