July 30, 2026

वक्फ बोर्ड के डीजे और नाच-गाने पर प्रतिबंध वाले आदेश पर हाईकोर्ट की रोक

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड द्वारा 11 जून 2026 को जारी उस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी है, जिसमें प्रदेश की दरगाहों, उर्स और अन्य मजहबी आयोजनों में डीजे, धूमाल, नाच-गाने सहित कई गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए थे।

मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में जस्टिस ए.के. प्रसाद की एकलपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता के तर्कों को उचित मानते हुए वक्फ बोर्ड के आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी।

वक्फ बोर्ड ने जारी किया था आदेश

छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज द्वारा जारी आदेश में प्रदेश की दरगाहों, उर्स और अन्य धार्मिक आयोजनों में डीजे, धूमाल, नाच-गाने और अन्य मनोरंजनात्मक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए गए थे। आदेश का उल्लंघन करने वालों पर 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगाने का भी प्रावधान रखा गया था।

हाईकोर्ट में दी गई चुनौती

वक्फ बोर्ड के आदेश को फिरोज शाह अहमद ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनकी ओर से अधिवक्ता देवेंद्र प्रताप सिंह ने रिट याचिका दायर कर कहा कि वक्फ बोर्ड ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर यह आदेश जारी किया है।

याचिका में तर्क दिया गया कि वक्फ बोर्ड को इस प्रकार का प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने का वैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है, इसलिए आदेश को निरस्त किया जाना चाहिए।

कोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक

सुनवाई के दौरान ए.के. प्रसाद की एकलपीठ ने याचिकाकर्ता के तर्कों को प्रथम दृष्टया स्वीकार करते हुए वक्फ बोर्ड के आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी। अदालत के इस फैसले के बाद फिलहाल वक्फ बोर्ड का प्रतिबंधात्मक आदेश प्रभावी नहीं रहेगा।

मामले की अगली सुनवाई में अदालत इस आदेश की वैधता और वक्फ बोर्ड के अधिकार क्षेत्र से जुड़े कानूनी पहलुओं पर विस्तार से विचार करेगी।