January 16, 2026

छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड की बड़ी पहल,31 मार्च 2026 तक कॉलोनियों का संधारण RWA को सौंपा जाएगा

रायपुर।
छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने अपनी आवासीय कॉलोनियों के संधारण एवं प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत बोर्ड के अधीन संचालित कॉलोनियों के रख-रखाव की जिम्मेदारी चरणबद्ध रूप से रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) को हस्तांतरित की जाएगी। यह प्रक्रिया 31 मार्च 2026 तक पूरी की जाएगी।

हाउसिंग बोर्ड मुख्यालय में आयुक्त अवनीश कुमार शरण की अध्यक्षता में आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक में इस विषय पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में उन कॉलोनियों का मूल्यांकन किया गया, जिनका अब तक नगर निगम अथवा स्थानीय निकायों को विधिवत हस्तांतरण नहीं हो सका है

हर कॉलोनी में RWA गठन अनिवार्य

आयुक्त अवनीश कुमार शरण ने निर्देश दिए कि ऐसी प्रत्येक कॉलोनी में रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का गठन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जब कॉलोनीवासी स्वयं अपने क्षेत्र के रख-रखाव और विकास की जिम्मेदारी संभालते हैं, तो सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होती है और उत्तरदायित्व व स्वामित्व की भावना भी मजबूत होती है।

इस उद्देश्य से संबंधित उपायुक्तों और कार्यपालन अभियंताओं को कॉलोनीवासियों के साथ बैठकें आयोजित कर RWA गठन की प्रक्रिया को तेज करने तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।

वैधानिक दायित्व के तहत किया जा रहा हस्तांतरण

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम एवं RERA प्रावधानों के अनुसार परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद निर्धारित अवधि में संधारण की जिम्मेदारी RWA को सौंपना एक वैधानिक दायित्व है। हाउसिंग बोर्ड इस प्रक्रिया को सुनियोजित, समयबद्ध और विधिसम्मत तरीके से लागू कर रहा है।

पहले चरण में 32 कॉलोनियां शामिल

प्रथम चरण में हाउसिंग बोर्ड की कुल 32 कॉलोनियों को RWA-आधारित संधारण व्यवस्था के अंतर्गत सौंपा जाएगा। पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुव्यवस्थित और जवाबदेह बनाने के लिए विशेष प्रशासनिक दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं।

शहरी स्वशासन को मिलेगी मजबूती

हाउसिंग बोर्ड का यह निर्णय न केवल कॉलोनीवासियों को अपने परिवेश के विकास में सक्रिय भागीदारी का अवसर देगा, बल्कि शहरी आवासीय क्षेत्रों में नागरिक सहभागिता, स्वशासन और उत्तरदायी संधारण व्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ में सशक्त सामुदायिक शहरी प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।