रायपुर। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के निर्देश पर प्रदेशभर में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के खिलाफ खनिज विभाग द्वारा विशेष अभियान चलाया जा रहा है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि खनिज संसाधनों की लूट, अवैध कारोबार तथा शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी परिस्थिति में अभियान को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा।
खनिज विभाग के अनुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने प्राप्त शिकायतों और विभिन्न माध्यमों से मिली सूचनाओं के आधार पर 22 जून 2026 को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और सरगुजा जिलों में व्यापक जांच अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त सात वाहनों को जब्त किया गया तथा उनके विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए।
जांच अभियान के दौरान अंबिकापुर के गांधी चौक क्षेत्र में खनिज परिवहन की वैधता की जांच कर रही केंद्रीय खनि उड़नदस्ता टीम के साथ अभद्र व्यवहार और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला भी सामने आया। विभाग के अनुसार रेत से भरे टिप्पर के वाहन मालिक लड्डन खान, चालक सोनू टोप्पो, धंसी टोप्पो, खलासी सुरेश सिंह और एक अन्य व्यक्ति सुनील द्वारा अधिकारियों को धमकाने तथा वाहन लेकर भागने का प्रयास किया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना गांधीनगर में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत पांच आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया है। स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि वाहन मालिक लड्डन खान की तलाश जारी है। जब्त वाहन को पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है।
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध खनन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को बाधित करने, शासकीय अधिकारियों को डराने-धमकाने अथवा कार्रवाई रोकने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में अवैध खनन संबंधी प्रकरणों के साथ-साथ शासकीय कार्य में बाधा, धमकी और अन्य संबंधित अपराधों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग द्वारा आधुनिक तकनीकों, ड्रोन निगरानी और विशेष उड़नदस्ता टीमों के माध्यम से लगातार निगरानी रखी जा रही है। सरकार का कहना है कि प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।





