September 4, 2026

स्वतंत्रता दिवस समारोह में 850 स्कूली विद्यार्थियों ने बिखेरी छत्तीसगढ़ की लोककला की छटा, सरगुजा संभाग ने मारी बाजी

रायपुर। राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में करीब 850 स्कूली विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की लोककला, संस्कृति और देशभक्ति से ओतप्रोत शानदार प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों की इन प्रस्तुतियों ने समारोह में मौजूद लोगों का मन मोह लिया। विभिन्न क्षेत्रों के बीच हुई सांस्कृतिक स्पर्धा में छत्तीसगढ़ उत्तर क्षेत्र सरगुजा संभाग ने प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं पश्चिम क्षेत्र दुर्ग संभाग को दूसरा और मध्य क्षेत्र रायपुर संभाग को तीसरा स्थान मिला। मुख्यमंत्री ने विजेता विद्यार्थियों को शील्ड और मेडल प्रदान कर सम्मानित किया।

सरगुजा संभाग ने वंदे मातरम की प्रस्तुति से जीता पहला स्थान

छत्तीसगढ़ उत्तर क्षेत्र सरगुजा संभाग के 286 स्कूली छात्र-छात्राओं ने ‘वंदे मातरम, जय हिंद हम सबका अभिमान’ जैसे रिमिक्स गीतों पर देशभक्ति से भरपूर प्रस्तुति दी। नृत्य और गीत के माध्यम से विद्यार्थियों ने वंदे मातरम के 150 वर्षों की तपस्या और मातृभूमि के प्रति अनंत प्रेम की कहानी को प्रस्तुत किया।

प्रस्तुति में युवा शक्ति से सशक्त होकर नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ते भारत की तस्वीर भी आकर्षक अंदाज में दिखाई गई। विद्यार्थियों के शानदार तालमेल, नृत्य और देशभक्ति के भाव ने दर्शकों को प्रभावित किया।

दुर्ग संभाग की प्रस्तुति रही दूसरे स्थान पर

छत्तीसगढ़ पश्चिम क्षेत्र दुर्ग संभाग के 277 विद्यार्थियों ने ‘सजता, संवरता, निखरता ये देश’ गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। प्रस्तुति में देश की विविध संस्कृति और अलग-अलग अवसरों पर होने वाले पारंपरिक नृत्यों की खूबसूरत झलक देखने को मिली।

विद्यार्थियों ने अपने भावों को कदमों की लय और ऊर्जा के साथ जोड़ते हुए राष्ट्रप्रेम की अटूट भावना को मंच पर जीवंत किया। शानदार प्रस्तुति के लिए दुर्ग संभाग को प्रतियोगिता में दूसरा स्थान मिला।

रायपुर संभाग ने सैनिकों के शौर्य को किया सलाम

मध्य क्षेत्र रायपुर संभाग के 280 विद्यार्थियों ने ‘संकल्प बोल के हम तो निकल पड़े’ फ्यूजन गीत पर मनोरम प्रस्तुति दी। इस प्रस्तुति के जरिए छात्र-छात्राओं ने देश की रक्षा में तैनात सैनिकों के शौर्य, त्याग और बलिदान की गाथा को मंच पर जीवंत किया।

देशभक्ति से ओतप्रोत इस प्रस्तुति में सैनिकों के साहस और राष्ट्र के प्रति समर्पण को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। रायपुर संभाग को प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।