रायपुर। पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में हुए चुनाव अभियानों में छत्तीसगढ़ के नेताओं और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका ने भाजपा को बड़ी चुनावी सफलता दिलाने में अहम योगदान दिया है। विभिन्न राज्यों में प्रवासी जिम्मेदारी संभाल रहे नेताओं के प्रभार वाले क्षेत्रों में भाजपा को उल्लेखनीय जीत हासिल हुई है।
पश्चिम बंगाल में छत्तीसगढ़ नेताओं की भूमिका
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पश्चिम बंगाल के जारग्राम, बिनपुर, गोपीबल्लभपुर और नयाग्राम विधानसभा क्षेत्रों में चुनाव प्रचार किया, जहां भाजपा को जीत मिली। वहीं प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने करीब छह महीने तक कैंप कर 56 में से 49 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने में भूमिका निभाई।
पूर्व मंत्री राजेश मूणत के प्रभार वाले 7 में से 6 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा को सफलता मिली। इसी तरह पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा को सौंपे गए सभी 7 सीटों पर भाजपा ने जीत दर्ज की।
अन्य नेताओं में भूपेन्द्र सवन्नी, संजय श्रीवास्तव, अनुराग सिंहदेव, राजा पाण्डेय, प्रफुल्ल विश्वकर्मा, सुशांत शुक्ला और ललित चंद्राकर के प्रभार वाले अधिकांश क्षेत्रों में भाजपा को सफलता मिली।
असम में भी प्रभावी प्रदर्शन
उपमुख्यमंत्री अरुण साव के प्रभार वाले 9 में से 8 सीटों पर भाजपा ने जीत हासिल की। केंद्रीय मंत्री तोखन साहू के नेतृत्व में कोकराझार लोकसभा क्षेत्र की 9 में से 8 सीटों पर भाजपा विजयी रही। वित्त मंत्री ओपी चौधरी के प्रभार वाले सभी 9 विधानसभा क्षेत्रों में भी भाजपा को सफलता मिली।
पुडुचेरी में भी मिला समर्थन
पुडुचेरी में भाजपा युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा के नेतृत्व में 6 में से 3 विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा ने जीत दर्ज की।
संगठन की रणनीति रही सफल
भाजपा के अनुसार, छत्तीसगढ़ के नेताओं को दी गई रणनीतिक जिम्मेदारियों और जमीनी स्तर पर लगातार सक्रियता के कारण इन राज्यों में पार्टी को मजबूत बढ़त मिली है। संगठन ने इसे प्रवासी नेतृत्व और समन्वय का सफल मॉडल बताया है।





