September 4, 2026

शराब घोटाला मामले में रामगोपाल अग्रवाल की बढ़ीं मुश्किलें, ED को 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड; 17 अगस्त को होगी अगली पेशी

रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित शराब घोटाला मामले में कांग्रेस के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें गिरफ्तार करने के बाद मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने ED की मांग पर रामगोपाल अग्रवाल को 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड पर भेज दिया है।

अब ED अगले पांच दिनों तक उनसे शराब घोटाले और उससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूछताछ करेगी। जांच एजेंसी उनसे कथित वित्तीय लेन-देन, घोटाले में भूमिका और अन्य संबंधित पहलुओं को लेकर पूछताछ कर सकती है।

विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर होने से DJ कोर्ट में हुई सुनवाई

रामगोपाल अग्रवाल की पेशी ED की विशेष अदालत में होनी थी, लेकिन विशेष न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय (DJ कोर्ट) में हुई।

ED की ओर से कस्टोडियल रिमांड की मांग की गई, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए 5 दिन की रिमांड मंजूर कर दी।

17 अगस्त को फिर होगी पेशी

कस्टोडियल रिमांड की अवधि पूरी होने के बाद 17 अगस्त 2026 को रामगोपाल अग्रवाल को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। इस दौरान ED उनसे शराब घोटाले में कथित भूमिका, वित्तीय लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ करेगी।

रामगोपाल अग्रवाल से मिलने कोर्ट पहुंचे भूपेश बघेल

ED की टीम जब रामगोपाल अग्रवाल को कोर्ट लेकर पहुंची, उसी दौरान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी जिला कोर्ट पहुंचे। उन्होंने रामगोपाल अग्रवाल से मुलाकात की।

ED की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए भूपेश बघेल ने जांच एजेंसी पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मामले में नकली गवाहों का इस्तेमाल किया जा रहा है और जांच एजेंसी के पास कोई ठोस सबूत नहीं है। बघेल ने कहा कि केवल परेशान करने के लिए कार्रवाई की जा रही है।

बचाव पक्ष ने क्या कहा?

रामगोपाल अग्रवाल के अधिवक्ता फैजल रिजवी ने बताया कि उनके मुवक्किल पहले से ही ACB की गिरफ्त में हैं। ED ने पूछताछ के लिए तीन दिन का समय मांगा था और जेल में तीन दिनों तक उनसे पूछताछ की गई। इसके बाद ED ने उन्हें गिरफ्तार किया।

उन्होंने बताया कि ED की विशेष अदालत के न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण रामगोपाल अग्रवाल को प्रोडक्शन वारंट के जरिए कोर्ट लाया गया। ED ने पूछताछ के लिए रिमांड आवेदन प्रस्तुत किया था, जिस पर कोर्ट ने पांच दिन की कस्टोडियल रिमांड मंजूर की है।

बचाव पक्ष के मुताबिक, वर्ष 2024 में ECIR दर्ज किया गया था और रामगोपाल अग्रवाल का नाम सह-अभियुक्त के रूप में सामने आया था। इसी आधार पर ED उनसे पूछताछ कर रही है।

जांच एजेंसी का दावा- शराब कारोबार में करीब ₹3,400 करोड़ का घोटाला

शराब घोटाला मामले में EOW-ACB द्वारा गिरफ्तारी के बाद अब ED भी रामगोपाल अग्रवाल से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी ने रविवार को उन्हें सेंट्रल जेल में शराब घोटाला मामले के मुख्य आरोपी अनवर ढेबर के सामने बैठाकर पूछताछ की थी।

जांच एजेंसी का दावा है कि छत्तीसगढ़ के शराब कारोबार में करीब ₹3,400 करोड़ का घोटाला हुआ है। ED इस मामले में कथित मनी लॉन्ड्रिंग और वित्तीय लेन-देन की कड़ियों की जांच कर रही है।

8 जुलाई को किया था सरेंडर

बता दें कि कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल करीब तीन साल तक फरार रहे थे। उन्होंने 8 जुलाई को EOW कार्यालय पहुंचकर सरेंडर किया था। इसके बाद मेडिकल परीक्षण कर उन्हें अदालत में पेश किया गया था, जहां से पुलिस रिमांड मंजूर की गई थी।

रिमांड अवधि पूरी होने के बाद उन्हें दोबारा अदालत में पेश किया गया। इसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रही। अब शराब घोटाला मामले में ED की 5 दिन की कस्टोडियल रिमांड के बाद 17 अगस्त को होने वाली पेशी पर सभी की नजर रहेगी।