रायपुर। छत्तीसगढ़ में हरेली तिहार के पोस्टर को लेकर नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। राजधानी रायपुर में लगाए गए हरेली पर्व के सरकारी पोस्टरों में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर नहीं होने पर कांग्रेस ने राज्य सरकार पर संस्कृति और अस्मिता की उपेक्षा का आरोप लगाया है। वहीं भाजपा ने इसे मानवीय भूल बताते हुए जल्द सुधार करने की बात कही है।
कांग्रेस ने जताई नाराजगी
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि हरेली छत्तीसगढ़ की पहचान, संस्कृति और अस्मिता का पर्व है, लेकिन पूरे रायपुर में लगाए गए पोस्टरों में कहीं भी छत्तीसगढ़ महतारी का चित्र नहीं है। पार्टी ने इसे करोड़ों छत्तीसगढ़वासियों की भावनाओं को आहत करने वाला बताया।
‘छत्तीसगढ़ महतारी को सम्मान नहीं दिया जा रहा’
कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि हरेली प्रदेश का प्रमुख लोक पर्व है, लेकिन राज्य सरकार द्वारा जारी पोस्टरों में छत्तीसगढ़ महतारी को स्थान नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पहले प्रदेश के पारंपरिक त्योहारों को महत्व नहीं देती थी और अब जब इनका आयोजन हो रहा है, तब भी छत्तीसगढ़ महतारी का सम्मान नहीं किया जा रहा। उनके मुताबिक पोस्टर से तस्वीर हटना भाजपा की छत्तीसगढ़ विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
भाजपा ने कहा- मानवीय भूल, सुधार करेंगे
भाजपा प्रवक्ता राजीव चक्रवर्ती ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि पोस्टर में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर नहीं होना मानवीय भूल है और इसे जल्द ठीक कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा, “हमने पोस्टर बनाया है, हम ही इसे सुधारेंगे। कांग्रेस को इस पर राजनीति करने की जरूरत नहीं है।”
उन्होंने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि पिछली सरकार ने प्रदेश को नशे और अपराध की ओर धकेला, जबकि भाजपा छत्तीसगढ़ महतारी का सम्मान करती है और आगे भी करती रहेगी।
पोस्टर को लेकर सियासत तेज
हरेली तिहार के पोस्टर में छत्तीसगढ़ महतारी की तस्वीर नहीं होने को लेकर प्रदेश में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस इसे प्रदेश की संस्कृति और अस्मिता से जोड़कर सरकार पर निशाना साध रही है, जबकि भाजपा इसे तकनीकी और मानवीय चूक बताते हुए विवाद को समाप्त करने की कोशिश में है।





