March 4, 2026

छत्तीसगढ़ में ‘मोर गांव मोर पानी’ अभियान: मनरेगा के तहत 10,000 से अधिक आजीविका डबरी निर्माण में जुटे ग्रामीण

छत्तीसगढ़, 10 फरवरी 2026: जल संरक्षण, ग्रामीण रोजगार और सतत आजीविका को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान के अंतर्गत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत आजीविका डबरी (फार्म पोंड) निर्माण का विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।

अभियान के तहत प्रदेशभर में 10,000 से अधिक आजीविका डबरी का निर्माण कार्य प्रगति पर है। यह निर्माण समाज के कमजोर वर्ग के हितग्राहियों की निजी भूमि पर किया जा रहा है, जिससे वर्षा जल संचयन और दीर्घकालीन आजीविका दोनों सुनिश्चित हो रहे हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि जल संसाधन और आवास आधारित आजीविका का एकीकृत विकास सुनिश्चित किया जा सके।

प्रत्येक डबरी 20 मीटर × 20 मीटर × 3 मीटर आकार में तैयार की जा रही है। जल की गुणवत्ता और टिकाऊपन सुनिश्चित करने के लिए इनलेट-आउटलेट व्यवस्था एवं सिल्ट अरेस्टिंग चैंबर अनिवार्य रूप से बनाई जा रही है। निर्माण कार्य में पंचायतों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

सैटेलाइट आधारित क्लार्ट ऐप के माध्यम से ‘रिज-टू-वैली एप्रोच’ पर वैज्ञानिक तरीके से निर्माण किया जा रहा है। विभिन्न विभागों का अभिसरण, कन्वर्जेन्स पैकेज के माध्यम से कार्यान्वयन, तथा ट्राइफ, एफईएस और अन्य सिविल सोसायटी संगठनों का सहयोग इसे और प्रभावी बना रहा है।

सभी निर्माण कार्य बारिश से पूर्व पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रति डबरी अधिकतम लागत 3 लाख रुपये है। इस पहल से निजी भूमि पर टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण होने के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका में स्थायी सुधार और रोजगार सुनिश्चित हो रहा है।

यह अभियान ग्रामीण विकास और जल संरक्षण में एक अभिनव और अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रहा है।