July 23, 2026

छत्तीसगढ़ में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत, तिलक लगाकर हुआ विद्यार्थियों का स्वागत

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मंगलवार से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई। ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों का शिक्षकों ने तिलक लगाकर और किताबें भेंट कर स्वागत किया। प्रदेशभर के स्कूलों में पहले दिन उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। खासकर पहली बार स्कूल पहुंचे नौनिहालों के लिए यह दिन यादगार बन गया।

राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और अधिक से अधिक बच्चों को स्कूलों से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में 30 जून को शाला प्रवेश उत्सव का राज्य स्तरीय आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्कूल शिक्षा मंत्री भी शामिल होंगे।

नए शैक्षणिक सत्र के साथ स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों के अलावा राष्ट्रीय और सांस्कृतिक मूल्यों पर भी विशेष जोर दिया जाएगा। स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार सभी विद्यालयों में प्रार्थना सभा के दौरान नियमित रूप से राष्ट्रगान, राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राज्यगीत ‘अरपा पैरी के धार’ का गायन कराया जाएगा।

विभाग ने सरकारी और निजी दोनों प्रकार के स्कूलों को इन गतिविधियों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। विद्यार्थियों को केवल पाठ्य पुस्तकों तक सीमित न रखते हुए उनमें देशभक्ति, अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों की भावना विकसित करने पर विशेष फोकस किया जाएगा।

शिक्षा विभाग का मानना है कि सुबह की प्रार्थना सभा को अधिक प्रभावी और प्रेरणादायी बनाकर विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित की जा सकती है। नए सत्र के पहले दिन स्कूलों में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ अपनी नई शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत की।