March 4, 2026

स्थापना दिवस विशेष: बदला सफर का मतलब, मजबूत हुई छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) अपने गठन के 31वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। छत्तीसगढ़ जैसे तेजी से विकसित होते राज्य में सड़कें अब केवल आवागमन का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक प्रगति की मजबूत आधारशिला बन चुकी हैं। एनएचएआई द्वारा निर्मित आधुनिक राष्ट्रीय राजमार्गों ने राज्य को लॉजिस्टिक, औद्योगिक और पर्यटन हब के रूप में नई पहचान दी है।

एनएच-53 बना अर्थव्यवस्था की रीढ़

राष्ट्रीय राजमार्ग-53, जो एशियन हाईवे-46 का हिस्सा है, महाराष्ट्र सीमा से राजनांदगांव, दुर्ग, भिलाई, रायपुर, आरंग और सरायपाली होते हुए ओडिशा तक जाता है। इसी मार्ग पर महानदी पर बना छत्तीसगढ़ का पहला सिक्स लेन ब्रिज इंजीनियरिंग का बेहतरीन उदाहरण है, जिसने व्यापार और परिवहन को गति दी है।

राजधानी और औद्योगिक क्षेत्रों का मजबूत नेटवर्क

एनएच-130 के जरिए रायपुर–बिलासपुर–कोरबा को फोरलेन कनेक्टिविटी मिली है। चांपा–कोरबा–कटघोरा मार्ग से ऊर्जा और कोयला परिवहन को बढ़ावा मिला है। इससे राज्य के दूरस्थ क्षेत्र भी मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।

रायपुर–विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर

निर्माणाधीन रायपुर–विशाखापट्टनम कॉरिडोर छत्तीसगढ़ को बंदरगाह से सीधे जोड़ेगा। 125 किमी लंबे इस सिक्स लेन कॉरिडोर में राज्य की पहली 3 किमी लंबी स्मार्ट टनल भी बनाई जा रही है, जो बस्तर क्षेत्र में विकास के नए अवसर खोलेगी।

फ्लाईओवर और इंटरचेंज से सुगम यातायात

रायपुर का टाटीबंध फ्लाईओवर और बिलासपुर का पेंड्रीडीह इंटरचेंज अब ट्रैफिक व्यवस्था की पहचान बन चुके हैं। इससे दुर्घटनाओं में कमी और यात्रा समय में बड़ा सुधार हुआ है।

दुर्ग बायपास और रायपुर–धनबाद कॉरिडोर

92 किमी लंबा दुर्ग–रायपुर–आरंग बायपास और 627 किमी का रायपुर–धनबाद आर्थिक गलियारा उद्योग, खनन और व्यापार को नई मजबूती दे रहा है। इससे ईंधन, समय और लागत की बचत हो रही है।

पर्यटन और आस्था को मिला बढ़ावा

एनएचएआई की सड़कों से डोंगरगढ़, सिरपुर, राजिम, मैनपाट, गंगरेल और बस्तर जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुँचना आसान हुआ है। इससे छत्तीसगढ़ में पर्यटन उद्योग को नई ऊंचाई मिल रही है।

सामाजिक सरोकार भी प्राथमिकता

एनएचएआई केवल सड़क निर्माण ही नहीं, बल्कि पशु संरक्षण और सड़क सुरक्षा के लिए केटल शेल्टर जैसी पहल भी कर रहा है, जिससे दुर्घटनाओं में कमी लाई जा रही है।

नेतृत्व की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मजबूत सड़कें मजबूत अर्थव्यवस्था की नींव होती हैं। बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योग, कृषि, पर्यटन और निवेश को नई दिशा मिली है।
वहीं उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग अब विकास कॉरिडोर बन चुके हैं, जो छत्तीसगढ़ को आत्मनिर्भर और समृद्ध बना रहे हैं।