May 15, 2026

पेपर लीक पर छत्तीसगढ़ में सियासत तेज, दीपक बैज ने सरकार पर उठाए सवाल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में 10वीं-12वीं बोर्ड रिजल्ट से पहले पेपर लीक मामले को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने जहां पेपर लीक की घटना को निराधार बताया है, वहीं दीपक बैज ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

दीपक बैज ने कहा कि एक तरफ पुलिस द्वारा FIR दर्ज की गई है, जबकि दूसरी ओर शिक्षा मंत्री पेपर लीक से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मंत्री किसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं और कहीं इस मामले में किसी राजनीतिक कनेक्शन को छुपाया तो नहीं जा रहा।

दुष्कर्म मामलों पर भी घेरा
बैज ने अंबिकापुर के सीतापुर क्षेत्र में आदिवासी बच्चियों के साथ हुई दुष्कर्म की घटना को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और सरकार व पुलिस इन्हें रोकने में विफल साबित हो रही है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच की मांग की।

पेंशन भुगतान में देरी का आरोप
पीसीसी चीफ ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की आर्थिक स्थिति खराब है, जिसके कारण वृद्धा और निराश्रित पेंशन 4 से 5 महीनों से नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि 500 रुपये की राशि भी समय पर नहीं मिल पा रही है, जिससे जरूरतमंद लोग परेशान हैं।

मेडिकल स्टोर जांच पर भी सवाल
तहसीलदार और एसडीएम द्वारा मेडिकल स्टोर की जांच के आदेश पर बैज ने कहा कि इससे दवा व्यापारियों पर अनावश्यक दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने इस आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की।

धान प्रबंधन और भ्रष्टाचार का आरोप
बैज ने कहा कि करीब 20 लाख मीट्रिक टन धान खुले में पड़ा हुआ है, जिससे बारिश में नुकसान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार 3100 रुपये में खरीदे गए धान को 2000 रुपये प्रति क्विंटल में बेच रही है, जो भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने जैसा है।

सुशासन तिहार पर निशाना
1 मई से शुरू होने वाले सुशासन तिहार को लेकर भी उन्होंने सरकार पर हमला बोला। बैज ने कहा कि यह सरकार की नाकामियों को छिपाने का प्रयास है और इसे सिर्फ “प्रोपेगेंडा” बताया।