नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से घोषित पुलिस वीरता और सेवा पदकों में छत्तीसगढ़ पुलिस का शानदार प्रदर्शन सामने आया है। प्रदेश के 141 पुलिस जवानों को वीरता पुरस्कार के लिए चुना गया है। बड़ी संख्या में मिले इन पुरस्कारों को नक्सल विरोधी अभियानों में छत्तीसगढ़ पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका और सफलता से जोड़कर देखा जा रहा है।
सम्मान पाने वालों में तत्कालीन बस्तर आईजी आईपीएस पी. सुंदरराज, एसएसपी आईपीएस इंदिरा कल्याण एलेसेला, आईपीएस संदीप पटेल, आईपीएस स्मृतिक राजनाला और आईपीएस राबिन्सन गुरिया समेत बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और जवान शामिल हैं।
DIG मोतीलाल कोटवानी को राष्ट्रपति वीरता पदक
पुलिस उप महानिरीक्षक मोतीलाल कोटवानी को राष्ट्रपति वीरता पदक (PSM) से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ पुलिस के 10 अधिकारियों और कर्मचारियों को सराहनीय/विशिष्ट सेवा पदक के लिए चुना गया है।
सम्मानित अधिकारियों और कर्मचारियों में गायत्री सिंह, ओम प्रकाश शर्मा, दीपमाला कश्यप, डॉ. अर्चना झा, रमा पटेल, पिनाकी, सविता सिंह परिहार, ब्रजेश कुमार तिवारी, राकेश कुमार सिंह और नेहरू लाल के नाम शामिल हैं।
देशभर में 301 वीरता पदक
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार इस वर्ष देशभर में कुल 301 वीरता पदक प्रदान किए गए हैं। इनमें 197 पदक वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में तैनात जवानों, 51 जम्मू-कश्मीर, 12 पूर्वोत्तर और 41 अन्य क्षेत्रों में तैनात जवानों को मिले हैं। इनमें 272 पुलिस सेवा और 29 अग्निशमन सेवा के जवान शामिल हैं।
1,057 जवानों को वीरता और सेवा पदक
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पुलिस, अग्निशमन सेवा, होम गार्ड एवं नागरिक सुरक्षा और सुधार सेवाओं से जुड़े कुल 1,057 जवानों को वीरता और सेवा पदकों के लिए चुना गया है।
इनमें विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पदक (PSM) भी शामिल है। वहीं सराहनीय सेवा के लिए 664 पदक (MSM) प्रदान किए गए हैं। इनमें पुलिस सेवा को 606, फायर सर्विस को 28, सिविल डिफेंस एवं होम गार्ड को 18 और सुधार सेवाओं को 12 पदक मिले हैं।
छत्तीसगढ़ पुलिस के 141 जवानों को मिले वीरता पुरस्कारों को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चलाए गए अभियानों में उनके साहस और योगदान की बड़ी राष्ट्रीय पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।












