पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम
रायपुर, 07 फरवरी 2026 – छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (RERA) ने राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और रियल एस्टेट (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के प्रभावी अनुपालन को सुदृढ़ करने के लिए 14 बैंकों को अंतिम पैनल (फाइनल एम्पैनलमेंट) में शामिल किया है।

छत्तीसगढ़ रेरा ने 03 अप्रैल 2025 को 17 बैंकों को अस्थायी पैनल में शामिल किया था। निर्धारित प्रक्रियाओं, शर्तों और मापदंडों की पूर्ति के बाद इनमें से 14 बैंकों को अंतिम पैनल में शामिल किया गया है।
अंतिम पैनल में शामिल बैंकों में एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक, डीसीबी बैंक, फेडरल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, कर्नाटक बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एवं सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक शामिल हैं।

इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रेरा अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत परियोजनाओं से जुड़े पृथक रेरा खाते केवल उन्हीं बैंकों में संचालित किए जाएं, जो रेरा नियमों और दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करते हों। इससे परियोजनाओं के वित्तीय प्रबंधन में अनुशासन और पारदर्शिता बढ़ेगी तथा घर खरीदारों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
छत्तीसगढ़ रेरा के अध्यक्ष श्री संजय शुक्ला ने कहा, “रेरा के अंतर्गत पंजीकृत परियोजनाओं में वित्तीय अनुशासन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बैंकों के अंतिम पैनल में शामिल होने से परियोजना खातों की निगरानी और नियंत्रण और अधिक सुदृढ़ होगा, जिससे घर खरीदारों का विश्वास बढ़ेगा और राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र अधिक व्यवस्थित और भरोसेमंद बनेगा।”
छत्तीसगढ़ रेरा ने स्पष्ट किया है कि राज्य में रियल एस्टेट क्षेत्र को पारदर्शी, व्यवस्थित और भरोसेमंद बनाने के लिए इस तरह की पहलें भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगी।





