रायपुर। छत्तीसगढ़ में पहली बार होने जा रहे राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी को लेकर उठा विवाद अब सियासी और कानूनी रूप ले चुका है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल के हाईकोर्ट जाने पर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस मामले में पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “बृजमोहन जैसे वरिष्ठ और अनुभवी नेता की स्थिति देखकर दुख होता है।”
टीएस सिंहदेव ने कहा कि यह पहला मौका है जब सरकार में रहते हुए भाजपा के किसी वरिष्ठ नेता को स्काउट एंड गाइड के अध्यक्ष पद जैसे विषय पर कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा है। उन्होंने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति बताया। सिंहदेव के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल और तेज हो गई है।
⚖️ हाईकोर्ट पहुंचे सांसद बृजमोहन अग्रवाल
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में 9 से 13 जनवरी 2026 तक राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी प्रस्तावित है। इस आयोजन को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने खुद को भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की राज्य परिषद का वैधानिक अध्यक्ष बताते हुए आयोजन पर रोक लगाने की घोषणा की थी। इसके साथ ही उन्होंने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका भी दायर की है।
याचिका में सांसद अग्रवाल ने दावा किया है कि उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने का प्रस्ताव असंवैधानिक और एकतरफा है। न तो उन्हें कोई पूर्व सूचना दी गई और न ही पक्ष रखने का अवसर मिला। उन्होंने यह भी कहा कि सांसद होने के साथ-साथ वे परिषद के वैधानिक अध्यक्ष हैं और इसी हैसियत से उन्होंने 5 जनवरी को जंबूरी से जुड़ी बैठक भी आयोजित की थी।
🏛️ अध्यक्ष पद को लेकर दो दावेदार
पूरे विवाद के केंद्र में सांसद बृजमोहन अग्रवाल और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बीच स्काउट-गाइड अध्यक्ष पद को लेकर चल रही खींचतान है। दोनों नेता स्वयं को अध्यक्ष बता रहे हैं, जिससे आयोजन की वैधता, अधिकार और निर्णय प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं।
💰 10 करोड़ की वित्तीय अनियमितता का आरोप
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि जंबूरी आयोजन में करीब 10 करोड़ रुपये की वित्तीय अनियमितता हुई है। इसी वजह से उन्होंने आयोजन को स्थगित करने का निर्णय लिया। उनका कहना है कि आयोजन मूल रूप से नवा रायपुर में प्रस्तावित था, लेकिन बिना वैधानिक प्रक्रिया के इसे बालोद जिले में स्थानांतरित कर दिया गया।
🔎 विवाद की शुरुआत कैसे हुई
बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत 13 दिसंबर 2025 को जारी उस आदेश से हुई, जिसमें स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को स्काउट्स एंड गाइड्स का पदेन अध्यक्ष बताया गया था। इसके बाद से संगठन के भीतर अधिकार और जिम्मेदारी को लेकर अंदरूनी टकराव खुलकर सामने आ गया।
📢 सरकार का पक्ष
राज्य सरकार की ओर से जारी प्रेस नोट में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी अपने तय कार्यक्रम के अनुसार 9 से 13 जनवरी 2026 तक दुधली, जिला बालोद में ही आयोजित होगी। सरकार का दावा है कि आयोजन की सभी तैयारियां तय समय-सारिणी के अनुसार पूरी की जा रही हैं।
🔥 सियासी हलचल तेज
मामला हाईकोर्ट पहुंचने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें अदालत के रुख और जंबूरी के भविष्य पर टिकी हुई हैं।





