रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण आवास निर्माण में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश में 6 लाख से अधिक आवास पूर्ण किए गए हैं, जो देश में इस वर्ष का सर्वाधिक आंकड़ा है।
योजनाओं के समन्वय से मिली सफलता
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री जनमन योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से यह उपलब्धि संभव हुई है।
‘सबको आवास’ लक्ष्य की ओर तेज प्रगति
सरकार के पहले कैबिनेट निर्णय में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए थे, जिनमें पात्र हितग्राहियों को कवर कर लिया गया है।
PMAY-G में सबसे ज्यादा निर्माण
इस वर्ष PMAY-G के तहत 5.87 लाख, जनमन योजना में 13 हजार और मुख्यमंत्री आवास योजना में 10 हजार से अधिक मकान पूरे किए गए।
एक वित्तीय वर्ष में सबसे बड़ा रिकॉर्ड
वर्ष 2016 से योजना शुरू होने के बाद यह पहली बार है जब एक साल में इतने अधिक आवास पूर्ण हुए हैं।
महिलाओं को मिला आर्थिक सशक्तिकरण
“डीलर दीदी” मॉडल के तहत 9 हजार से अधिक महिला समूह सदस्य सामग्री आपूर्ति कर “लखपति दीदी” बनीं।
‘रानी मिस्त्री’ बन रहीं महिलाएं
6 हजार से अधिक राजमिस्त्रियों को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें 1200 से अधिक महिलाएं शामिल हैं।
आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी मिला रोजगार
सरकार ने इस पहल से जुड़े कार्यों में सरेंडर नक्सलियों को भी जोड़कर उन्हें आजीविका के अवसर दिए हैं।
पारदर्शिता के लिए टोल-फ्री और मॉनिटरिंग सिस्टम
18002331290 टोल-फ्री नंबर और “आवास दिवस” के जरिए शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा रहा है।
QR कोड से गांव स्तर पर जानकारी उपलब्ध
ग्राम पंचायत स्तर पर QR कोड आधारित सिस्टम से योजनाओं की जानकारी लोगों तक आसानी से पहुंच रही है।
कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ का यह मॉडल अब केवल आवास निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, रोजगार और पारदर्शिता के क्षेत्र में भी एक मिसाल बनकर उभर रहा है।





