May 14, 2026

छत्तीसगढ़ में स्टेट कैपिटल रीजन को मंजूरी, रायपुर-दुर्ग-नवा रायपुर का होगा एकीकृत विकास

छत्तीसगढ़ में सुनियोजित शहरीकरण और संतुलित क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) के गठन को मंजूरी मिल गई है। रायपुर, दुर्ग-भिलाई और नवा रायपुर अटल नगर को मिलाकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विकसित किया जाएगा। विधानसभा से विधेयक पारित होने के बाद इस परियोजना को औपचारिक रूप से लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है।

राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल राजधानी क्षेत्र के समेकित विकास को सुनिश्चित करेगी और छत्तीसगढ़ को मध्य भारत के प्रमुख आर्थिक और औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगी।

राष्ट्रीय मॉडल पर होगा विकास
स्टेट कैपिटल रीजन का विकास देश के प्रमुख शहरी मॉडलों—एनसीआर, मुंबई महानगर क्षेत्र और हैदराबाद महानगर विकास प्राधिकरण—की तर्ज पर किया जाएगा। इस मॉडल के तहत क्षेत्रीय स्तर पर योजनाबद्ध विकास के जरिए अवसंरचना, आवास, परिवहन और आर्थिक गतिविधियों का संतुलित विस्तार सुनिश्चित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री की पहल, आधुनिक शहर का विजन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर तैयार इस योजना का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरीकरण को व्यवस्थित करना और नागरिकों को बेहतर आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। सरकार का फोकस आधुनिक और पर्यावरण संतुलित शहरी तंत्र विकसित करने पर है।

2031 तक 50 लाख आबादी की तैयारी
अनुमान है कि वर्ष 2031 तक इस क्षेत्र की आबादी 50 लाख से अधिक हो जाएगी। इसे ध्यान में रखते हुए परिवहन, सड़क, जल, बिजली और स्वच्छता सेवाओं को मजबूत करने की दीर्घकालिक योजनाएं तैयार की जा रही हैं। रायपुर से दुर्ग तक प्रस्तावित मेट्रो रेल परियोजना के सर्वे का भी प्रावधान किया गया है।

प्राधिकरण करेगा संचालन
स्टेट कैपिटल रीजन के विकास के लिए राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण का गठन किया गया है, जो इस परियोजना के लिए केंद्रीय समन्वयकारी संस्था के रूप में काम करेगा। इसके अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे और इसमें वरिष्ठ अधिकारियों व मंत्रियों को शामिल किया जाएगा।

कानूनी और वित्तीय ढांचा तैयार
इस परियोजना को कानूनी आधार देने के लिए ‘छत्तीसगढ़ कैपिटल रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी एक्ट 2025’ लागू किया गया है। साथ ही वित्तीय संसाधनों के लिए विशेष निधि और उपकर की व्यवस्था भी की गई है, जिससे विकास कार्यों में निरंतरता बनी रहे।

निवेश और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना से राज्य में निवेश के नए अवसर खुलेंगे, उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे।

पहली बैठक में अहम फैसले
राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण की पहली बैठक 11 मार्च 2026 को आयोजित की जा चुकी है, जिसमें मेट्रो सर्वे, लॉजिस्टिक्स विकास, निवेश योजना और विभिन्न परियोजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रारंभिक गतिविधियों के लिए 27 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है।