July 31, 2026

सामाजिक अंकेक्षण में पारदर्शिता और जनभागीदारी पर जोर, मुख्य सचिव ने दिए आपत्तियों के जल्द निराकरण के निर्देश

रायपुर। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ सामाजिक अंकेक्षण इकाई (Social Audit Unit) की सामान्य सभा की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि सामाजिक अंकेक्षण के दौरान प्राप्त आपत्तियों का कंडिकावार (Section-wise) शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सामाजिक अंकेक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता है, क्योंकि यह ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।

सभी ग्राम सभाओं में प्रस्तुत होगी अंकेक्षण रिपोर्ट

मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य के सभी जिला कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि ग्राम सभाओं में सामाजिक अंकेक्षण रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सामाजिक अंकेक्षण इकाई की वार्षिक कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।

इस दौरान निर्णय लिया गया कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा), प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण विकास योजनाओं और राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम का सामाजिक अंकेक्षण कराया जाएगा।

कार्ययोजना और बजट को मिली मंजूरी

बैठक में वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2025-26 तक किए गए सामाजिक अंकेक्षण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना एवं बजट को मंजूरी दी गई।

सामाजिक अंकेक्षण इकाई के विस्तार, कार्यों में नवाचार और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए डेवलपमेंट एजेंसी के सहयोग पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा इकाई के विस्तार के लिए विभिन्न योजनाओं से निश्चित विकास निधि के निर्धारण पर भी विचार-विमर्श किया गया।

रिक्त पद भरने के प्रस्ताव को मंजूरी

बैठक में मनरेगा की संशोधित नई व्यवस्था वीबीजीरामजी में सामाजिक अंकेक्षण के प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत मनरेगा सहित अन्य योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण कार्यों के बेहतर संचालन के लिए विभिन्न रिक्त पदों को नियमानुसार भरने संबंधी प्रस्ताव को भी अनुमोदन प्रदान किया गया।

बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, आदिम जाति विकास एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी, जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं सामाजिक अंकेक्षण इकाई की सामान्य सभा के सदस्य उपस्थित रहे।