January 17, 2026

बस्तर में नक्सल उन्मूलन को बड़ी सफलता, ₹64 लाख के इनामी 26 हार्डकोर माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

रायपुर। बस्तर संभाग में नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। सुकमा जिले में ₹64 लाख के इनामी 26 हार्डकोर माओवादियों ने मुख्यधारा में लौटते हुए आत्मसमर्पण किया है। इनमें 7 महिला माओवादी भी शामिल हैं। इस उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा बलों को बधाई देते हुए इसे केवल सुरक्षा मोर्चे की नहीं, बल्कि मानवीय विश्वास, संवाद और पुनर्वास नीति की जीत बताया।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप छत्तीसगढ़ में लागू संतुलित सुरक्षा रणनीति और संवेदनशील पुनर्वास नीति के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि “पूना मार्गेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” अभियान ने उन युवाओं के जीवन में नई उम्मीद जगाई है, जो कभी नक्सलवाद के भ्रम में फंस गए थे।

उन्होंने कहा कि बस्तर में लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविर, सड़क, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के विस्तार तथा सुदूर अंचलों तक शासन की सीधी पहुंच ने क्षेत्र की तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। आज बस्तर में डर नहीं, बल्कि विश्वास का माहौल बन रहा है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादियों का स्वागत करते हुए कहा कि हिंसा का रास्ता छोड़ने वालों के लिए सरकार के दरवाजे हमेशा खुले हैं। उन्हें सम्मानजनक जीवन, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने शेष माओवादी साथियों से भी शांति, परिवार और प्रगति का मार्ग अपनाने की अपील की और आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उनके पुनर्वास और पुनर्स्थापन में पूरा सहयोग करेगी।

गौरतलब है कि आत्मसमर्पण करने वाले ₹64 लाख के इनामी 26 हार्डकोर माओवादियों में CYPCM–01, DVCM–01, PPCM–03, ACM–03 और 18 पार्टी सदस्य शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, ये माओवादी सुकमा, माड़ और ओडिशा सीमा से जुड़े क्षेत्रों में कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं। सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चह्वाण ने भी शेष माओवादियों से हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की है।