May 18, 2026

Urban Development: छत्तीसगढ़ नगर एवं ग्राम निवेश संशोधन विधेयक 2026 पारित, अवैध प्लॉटिंग पर लगेगा अंकुश

रायपुर: Chhattisgarh विधानसभा ने छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश (संशोधन) विधेयक 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया है। OP Choudhary द्वारा प्रस्तुत इस विधेयक का उद्देश्य राज्य में सुनियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना और अवैध प्लॉटिंग पर नियंत्रण स्थापित करना है।

योजनाबद्ध विकास को मिलेगा बढ़ावा

सदन में चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि वर्तमान में नगर विकास योजनाएं मुख्य रूप से Raipur Development Authority और Nava Raipur Atal Nagar Development Authority जैसे प्राधिकरणों पर निर्भर हैं। योजनाओं की सीमित संख्या के कारण कई शहरों में अव्यवस्थित विकास और अवैध प्लॉटिंग की समस्या बढ़ी है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि Gujarat, Maharashtra और Madhya Pradesh में विभिन्न एजेंसियों की भागीदारी से बेहतर परिणाम मिले हैं।

इन एजेंसियों को भी मिलेगी जिम्मेदारी

संशोधन के तहत अब छत्तीसगढ़ नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम, 1973 की धारा-38 में बदलाव किया गया है। इसके अनुसार:

  • नगर विकास योजनाएं तैयार करने के लिए अधिकृत एजेंसियों का दायरा बढ़ेगा
  • राज्य शासन के अभिकरण और सरकारी कंपनियां भी योजना निर्माण में शामिल होंगी

इस बदलाव के बाद Chhattisgarh Housing Board और Chhattisgarh State Industrial Development Corporation जैसे संस्थान भी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे।

औद्योगिक और आवासीय विकास को गति

वित्त मंत्री ने बताया कि इससे औद्योगिक और आवासीय विकास को नई गति मिलेगी और लोगों को व्यवस्थित भूखंड उपलब्ध हो सकेंगे।

उन्होंने कहा कि यह संशोधन राज्य के शहरी परिदृश्य को अधिक सुव्यवस्थित और विकासोन्मुख बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगा।