July 23, 2026

सीएम हेल्पलाइन 1076 बनी सुशासन का नया माध्यम, जनता और सरकार के बीच मजबूत हुआ संवाद

Raipur News Update : रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुरू की गई सीएम हेल्पलाइन 1076 सुशासन और जनसुनवाई का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। यह व्यवस्था आम नागरिकों को अपनी समस्याएं सीधे शासन तक पहुंचाने और उनके समयबद्ध समाधान का अवसर प्रदान कर रही है। राज्य सरकार का दावा है कि यह पहल जनता और प्रशासन के बीच संवाद को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बना रही है।

सरकार के अनुसार सीएम हेल्पलाइन 1076 का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं और सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इसे “नागरिक देवो भव” की भावना से जोड़ते हुए जनता को शासन की वास्तविक शक्ति बताया है।

फोन, ऐप और व्हाट्सएप से दर्ज हो रही शिकायतें

डिजिटल तकनीक से लैस इस प्रणाली में नागरिक टोल-फ्री नंबर 1076 पर कॉल कर, वेब पोर्टल, मोबाइल एप्लीकेशन और व्हाट्सएप चैटबॉट के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को सुविधा मिल रही है तथा सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है।

पारदर्शी और जवाबदेह व्यवस्था

सीएम हेल्पलाइन की सबसे बड़ी विशेषता इसकी ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग प्रणाली है। प्रत्येक शिकायत को एक यूनिक आईडी दी जाती है, जिससे आवेदक अपनी शिकायत की स्थिति ऑनलाइन देख सकता है। यदि शिकायतकर्ता समाधान से संतुष्ट नहीं होता तो मामला उच्च स्तर पर पुनः भेजा जा सकता है।

42 विभाग और 8 हजार अधिकारी जुड़े

सरकार ने हेल्पलाइन को प्रभावी बनाने के लिए 42 विभागों के लगभग 8 हजार अधिकारियों को इससे जोड़ा है। 1195 श्रेणियों में शिकायतों का वर्गीकरण किया गया है और समय-सीमा के भीतर समाधान सुनिश्चित करने की व्यवस्था बनाई गई है। सचिव स्तर के अधिकारी डैशबोर्ड के माध्यम से निगरानी कर रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री सचिवालय भी लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।

24 घंटे उपलब्ध है सेवा

सीएम हेल्पलाइन सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे संचालित हो रही है। इसके लिए तीन शिफ्टों में कर्मचारियों की तैनाती की गई है, जिससे नागरिक किसी भी समय अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

भूमि, बिजली, सड़क और राशन से जुड़ी शिकायतें प्रमुख

हेल्पलाइन में भूमि विवाद, नामांतरण, सीमांकन, सड़क, सफाई, पेयजल, स्ट्रीट लाइट, बिजली आपूर्ति, राशन कार्ड, पेंशन, आवास योजनाओं और प्रशासनिक लापरवाही से जुड़ी शिकायतें बड़ी संख्या में प्राप्त हो रही हैं। इन शिकायतों के आधार पर सरकार विभिन्न विभागों में सुधार की दिशा में काम कर रही है।

जनभागीदारी का नया मंच

सीएम हेल्पलाइन अब केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं रह गई है। नागरिक इसके माध्यम से शासन को सुझाव और फीडबैक भी दे रहे हैं, जिससे नीतियों और योजनाओं को अधिक जनहितकारी बनाने में मदद मिल रही है।

राज्य सरकार का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विश्लेषण, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाकर भविष्य में इस व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।