September 4, 2026

80वें स्वतंत्रता दिवस पर CM साय का बड़ा ऐलान: 6,671 स्कूलों में बनेंगे बेटियों के लिए शौचालय, 500 करोड़ का AI मिशन मंजूर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अमर शहीदों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में सरकार की उपलब्धियां गिनाने के साथ शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, किसान, बस्तर विकास, रोजगार, उद्योग, तकनीक और अधोसंरचना से जुड़े कई बड़े ऐलान किए।

‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान की शुरुआत

मुख्यमंत्री साय ने स्वतंत्रता दिवस पर ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान शुरू करने की घोषणा की। इसके तहत प्रदेश के 6,671 शासकीय स्कूलों में बेटियों के लिए शौचालय बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बेटियों की गरिमा और बेहतर शिक्षा के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

इसके साथ ही ‘विकसित भारत-जी राम जी योजना’ के माध्यम से प्रदेश के 6,524 गांवों में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनाए जाने की जानकारी दी।

बस्तर में शांति के साथ विकास पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता के बाद बस्तर में शांति और विकास की नई सुबह हुई है। उन्होंने कहा कि बस्तर की सर्वांगीण प्रगति सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के माध्यम से 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का लाभ बस्तर संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचाने का दावा किया। बंद पड़े स्कूलों को फिर से शुरू करने के साथ 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित करने की भी जानकारी दी गई।

‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई है। करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की ‘आजीविका उन्नयन योजना’ तैयार की गई है।

किसानों के लिए 3,100 रुपए में धान खरीदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदा जा रहा है। ‘कृषक उन्नति योजना’ की राशि का भुगतान होली से पहले किया गया।

फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए धान की जगह दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसल लेने वाले किसानों को 15 हजार रुपए की आदान सहायता देने का निर्णय लिया गया है।

सिंचाई के लिए 11 हजार करोड़ से अधिक की मंजूरी

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की मंजूरी दी गई है। ‘सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग परियोजना’ के लिए 3,047 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

इंद्रावती नदी पर करीब 2 हजार करोड़ रुपए की लागत से मटनार और देउरगांव बैराज बनाए जाएंगे। इससे करीब 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलने का दावा किया गया।

24.50 लाख आवास स्वीकृत

मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान देने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। कैबिनेट की पहली बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति के बाद अब तक 24 लाख 50 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 1,600 घर बनाए जा रहे हैं।

वहीं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के माध्यम से 73 लाख परिवारों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।

महिलाओं के खातों में पहुंचे 19,444 करोड़

‘महतारी वंदन योजना’ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 19,444 करोड़ रुपए महिलाओं के खातों में अंतरित किए जा चुके हैं। प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं।

युवाओं के लिए भर्ती और 10% आरक्षण का ऐलान

मुख्यमंत्री ने बताया कि पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती की गई है। शिक्षक और सहायक शिक्षक के 3,946 पदों तथा बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ‘सीजी असिस्टेंस फॉर कॉम्पिटिटिव एक्जाम योजना’ शुरू करने की जानकारी दी गई। इसके अलावा चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।

500 करोड़ का AI मिशन

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने 500 करोड़ रुपए के ‘छत्तीसगढ़ राज्य AI मिशन’ को मंजूरी दी है। इसके तहत 100 AI डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी।

करीब 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण देने की योजना है। वहीं ‘छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति’ के तहत 100 करोड़ रुपए का स्टार्टअप फंड बनाया गया है।

निवेश प्रस्तावों से 1.74 लाख रोजगार की उम्मीद

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के जरिए प्रदेश में नए निवेश को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से अब तक 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे करीब 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।

नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई से 4,600 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई है। प्रदेश में 23 नए औद्योगिक क्षेत्र स्थापित किए जाएंगे।

ऊर्जा और कनेक्टिविटी को मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री ने बताया कि एनर्जी समिट में 3 लाख 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। ‘मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना’ के तहत 12 लाख से अधिक उपभोक्ताओं का 910 करोड़ रुपए का सरचार्ज माफ किया गया है।

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के 90 हजार से अधिक उपभोक्ता ले रहे हैं। वहीं रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क को प्रदेश के आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।

साइबर अपराध से निपटने के लिए 9 नए थाने

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत करने के साथ साइबर अपराध से निपटने पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है। प्रदेश में 9 नए साइबर पुलिस थाने बनाए गए हैं और डायल-112 सेवा पूरे राज्य में लागू की गई है।

पर्यटन और संस्कृति को वैश्विक पहचान

मुख्यमंत्री ने बस्तर और सरगुजा में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार की बात कही। चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने और वहां टेंट सिटी बनाने की योजना है। सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।

छत्तीसगढ़ी सिनेमा को बढ़ावा देने के लिए ‘चित्रोत्पला फिल्म सिटी’ के निर्माण और पद्मविभूषण स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई की विरासत को सहेजने के लिए ‘डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण’ शुरू करने की घोषणा भी की गई।

पर्यावरण संरक्षण पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत प्रदेश में अब तक 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए हैं।

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प सभी का सामूहिक लक्ष्य है। उन्होंने प्रदेशवासियों से एकजुट होकर राज्य के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।