September 4, 2026

बिजली के निजीकरण पर CM साय का बड़ा बयान, बोले- ‘सरकार की कोई मंशा नहीं, कांग्रेस फैला रही भ्रम’

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली के निजीकरण को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साफ किया है कि राज्य सरकार की बिजली के निजीकरण की कोई मंशा नहीं है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को भ्रामक और तथ्यहीन बताते हुए कहा कि जनता के बीच गलतफहमी फैलाने की कोशिश की जा रही है।

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जिस सुनवाई को बिजली के निजीकरण से जोड़कर पेश किया जा रहा है, वह एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी रूटीन प्रक्रिया का मतलब यह नहीं है कि सरकार बिजली का निजीकरण करने जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर दुष्प्रचार कर जनता को गुमराह करने और भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ऐसे भ्रामक प्रचार से भ्रमित नहीं होने की अपील की।

दीपक बैज ने जताई थी आपत्ति

बता दें कि पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ में बिजली वितरण में निजी भागीदारी को लेकर आपत्ति जताई थी। उन्होंने दावा किया था कि एक निजी कंपनी ने राजधानी में बिजली वितरण के लिए लाइसेंस मांगा है।

दीपक बैज ने आरोप लगाया था कि इसके जरिए सरकार निजी कंपनियों को लाइसेंस देकर उपभोक्ताओं से बिजली के नाम पर भारी वसूली कराने की तैयारी कर रही है। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस इस मुद्दे का हर मोर्चे पर विरोध करेगी।

अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बयान के बाद बिजली के निजीकरण को लेकर चल रही राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं।